ईरान ने कहा है कि मिसाइल कार्यक्रम के संबंध में उसके विदेश मंत्री की टिप्पणी का आशय क्षेत्र में हथियार बेचने संबंधी अमेरिकी नीति को चुनौती देने से है। इसका यह मतलब नहीं है कि ईरान बातचीत के लिए तैयार है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अब्बास मौसुवी ने ट्वीट किया कि मंत्री मोहम्मद जावेद जरीफ़ की टिप्पणी दरअसल अमेरिका की मध्यपूर्व के देशों को शस्त्र बेचने की उसकी नीति को चुनौती पेश करती है और अब गेंद अमेरिका के पाले में हैं।
विदित हो कि जरीफ़ ने एक साक्षात्कार में कहा था कि अगर अमेरिका ईरान के मिसाइल कार्यक्रम को लेकर बातचीत करना चाहता है तो पहले उसे हमारे क्षेत्र में मिसाइलों सहित सभी प्रकार के शस्त्रों को बेचना रोकना होगा। ईरान अपने मिसाइल कार्यक्रम पर बातचीत को पहले ही खारिज कर चुका है।


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