BREAKING NEWS

अडानी पर हिंडनबर्ग का हमला, कहा- 'धोखाधड़ी को राष्ट्रवाद से ढका नहीं जा सकता'◾1 फरवरी को संसद के पटल पर होगा बजट पेश, 'लोगों को काफी उम्मीदें'◾राजस्‍थान में शीतलहर का कहर, 5वीं कक्षा तक के स्‍कूल 31 जनवरी तक बंद ◾आज का राशिफल (30 जनवरी 2022)◾सिर्फ मोदी को लगता है, चीन ने हमारी जमीन नहीं ली : राहुल गांधी◾BCCI ने भारतीय अंडर-19 महिला टीम के लिए 5 करोड़ के नकद पुरस्कार की घोषणा की◾भारतीय महिला टीम बनी अंडर-19 टी20 विश्व कप चैम्पियन, बधाइयों का लगा तांता◾बारिश भी नहीं डिगा सका बीटिंग रिट्रीट के जज्बे को, गणतंत्र दिवस समारोह का हुआ औपचारिक समापन◾दिल्ली में बारिश, अधिकतम तापमान सामान्य से पांच डिग्री नीचे◾ओडिशा के मंत्री नब किशोर दास की गोली लगने से मौत, प्रधानमंत्री, राज्यपाल, मुख्यमंत्री ने शोक जताया◾IND vs NZ : स्पिनरों के दबदबे के बीच भारत ने न्यूजीलैंड को 6 विकेट से हराया, श्रृंखला 1-1 से बराबर◾हमीरपुर में दूषित जल पीने से बीमार पड़ने वालों की संख्या 535 हुई, मुख्यमंत्री ने रिपोर्ट मांगी◾प्रधानमंत्री मोदी : 'तकनीकी दशक बनाने का भारत का सपना होगा साकार'◾रामचरितमानस विवाद में घिरे स्वामी प्रसाद को अखिलेश ने बनाया राष्ट्रीय महासचिव, चाचा शिवपाल को भी मिली बड़ी जिम्मेदारी ◾यूपी के मंत्री जितिन प्रसाद ने स्वामी प्रसाद मौर्य के रामचरितमानस बयान को बताया चुनावी रणनीति◾Air Asia Flight: एयर एशिया के विमान से टकराया पक्षी, लखनऊ एयरपोर्ट पर हुई इमरजेंसी लैंडिंग◾ सपा ने राष्ट्रीय कार्यकारिणी की लिस्ट में पार्टी नेताओं के नाम किए घोषित,विवादों में रहें स्वामी प्रसाद मौर्य को बनाया गया महासचिव◾पाकिस्तान की जनता पर टूटा दुखों का पहाड़, पेट्रोल, डीजल के दाम 35-35 रुपये लीटर बढ़े◾Gonda Crime : धारदार हथियार से की शिक्षक की हत्या, मिले कुछ महत्वपूर्ण सुराग ◾2024 के लिए कठिन क्यों है कांग्रेस का डगर, भारत जोड़ो यात्रा से लोगों में दिखा असर◾

इजरायल PM नेतन्याहू ने जॉर्डन के शाह से मुलाकात की

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने शाह अब्दुल्ला द्वितीय से मिलने के लिए मंगलवार को जॉर्डन की यात्रा की। यह इतिहास में इजरायल की सबसे दक्षिणपंथी और धार्मिक रूप से रूढ़िवादी सरकार के सत्ता संभालने के बाद उनकी पहली यात्रा है।

इजरायल और जॉर्डन के आधिकारिक बयानों ने नेताओं के बीच चर्चा के बारे में बहुत कम जानकारी दी।

जॉर्डन के आधिकारिक बयान में संकेत दिया गया है कि दोनों नेताओं के बीच बातचीत यहूदियों और मुसलमानों दोनों के लिए पवित्र यरुशलम के पुराने शहर में एक विवादित पवित्र स्थल की स्थिति के आसपास केंद्रित रही। यह पवित्र स्थल इजरायल और फिलिस्तीनियों के बीच संघर्ष के केंद्र में एक भावनात्मक मुद्दा है।

जॉर्डन के शाही दरबार ने कहा कि शाह अब्दुल्ला द्वितीय ने इजराइल से “पवित्र स्थल” में यथास्थिति का सम्मान करने का आग्रह किया। मुसलमान द्वारा इसे नोबल सेंचुरी और यहूदियों द्वारा टेंपल माउंट कहा जाता है। एक विशाल पठार पर स्थित यह “धार्मिक स्थल” इस्लाम में तीसरा सबसे पवित्र स्थल है।

जॉर्डन के संरक्षण में दशकों से चली आ रही एक व्यवस्था के तहत, यहूदियों और गैर-मुस्लिमों को कुछ घंटों के लिये यात्रा की अनुमति है, लेकिन वे वहां प्रार्थना नहीं कर सकते हैं। लेकिन इजरायल के नवनिर्वाचित सरकार के सदस्यों सहित यहूदी धार्मिक राष्ट्रवादियों ने स्थल का दौरा तेज कर दिया है और वहां यहूदियों के लिए समान प्रार्थना अधिकार की मांग की, जिससे दुनिया भर के फिलिस्तीनियों और मुसलमानों में आक्रोश पैदा कर दिया।

मंगलवार की बैठक में, शाह अब्दुल्ला द्वितीय ने भी इजरायल को “हिंसा के अपने कृत्यों को रोकने” के लिए प्रेरित किया। ये हिसंक कृत्य दशकों से चल रहे इजरायल-फिलिस्तीनी संघर्ष के अंतिम शांतिपूर्ण समाधान की उम्मीदों को कम कर रहे हैं। जॉर्डन सरकार ने ‘दो-राष्ट्र’ समाधान के लिए अपने समर्थन की पुष्टि की।

नेतन्याहू के कार्यालय ने कहा कि उन्होंने “क्षेत्रीय मुद्दों” और प्रमुख क्षेत्रीय सहयोगी जॉर्डन के साथ सुरक्षा और आर्थिक सहयोग पर चर्चा की।