BREAKING NEWS

वैक्सीन उत्पादन बढ़ाने के लिए पूरी कोशिश जारी : एसआईआई प्रमुख◾गुलाम नबी आजाद ने प्रधानमंत्री को लिखा पत्र, टीका उत्पादन बढ़ाने के दिए सुझाव◾भारत में जुलाई तक टीकों की 51.6 करोड़ खुराकें दी जा चुकी होंगी : हर्षवर्धन◾कांग्रेस ने गुजरात जैसे राज्यों में कोविड-19 संबंधी मौतें कम दिखाने का लगाया आरोप◾मोदी की आलोचना करने वाले पोस्टर चिपकाने पर 25 प्राथमिकी दर्ज, 25 लोग गिरफ्तार◾आधार कार्ड न होने की वजह से टीका लगाने, आवश्यक सेवाएं देने से इनकार नहीं किया जा सकता : UIDAI◾चक्रवाती तूफान पर PM मोदी ने की उच्चस्तरीय मीटिंग, गृह मंत्रालय ने तैनात की एसडीआरएफ की टुकड़ी◾स्टेराइड को गलत तरीके से लेने या दुरूपयोग से बढ़ता है फंगल इन्फेक्शन का खतरा : रणदीप गुलेरिया◾कोविड-19 पर चिकित्सीय प्रबंधन दिशा-निर्देशों से हटाई जा सकती है प्लाज्मा थेरिपी, जानिये बड़ी वजह ◾उत्तर प्रदेश में 24 मई तक बढ़ा कोरोना कर्फ्यू, एक करोड़ गरीबों को राशन और नकदी देगी योगी सरकार◾धनखड़ ने नंदीग्राम का किया दौरा, हिंसा पीड़ितों की स्थिति पर बोले - ज्वालामुखी पर बैठा है राज्य ◾IMD ने जारी की चेतावनी - मजबूत हुआ ‘तौकते’ तूफान, गुजरात के लिए जारी किया हाई अलर्ट ◾मलेरकोटला पर योगी के ट्वीट को अमरिंदर ने बताया भड़काऊ, कहा- ये पंजाब में नफरत फैलाने की कोशिश ◾केंद्र सरकार की विनाशकारी वैक्सीन रणनीति तीसरी लहर सुनिश्चित करेगी : राहुल गांधी◾क्या B1.617.2 वैरिएंट है कोरोना का सबसे खतरनाक रूप, ब्रिटिश एक्सपर्ट का दावा- इसमें वैक्सीन भी प्रभावी नहीं◾गांवों में संक्रमण को रोकने के लिए PM मोदी ने घर-घर टेस्टिंग पर दिया जोर, कहा- स्वास्थ्य संसाधनों पर फोकस जरूरी◾महामारी के समय सारे भेद भूलकर और दोषों की चर्चा छोड़कर टीम भावना से कार्य करने की जरुरत : मोहन भागवत ◾UP: लॉकडाउन के चलते सुधर रहे हालात, पिछले 24 घंटों में 12,547 नए मामले, 281 मरीजों ने तोड़ा दम◾ब्रिटेन ने घटाया कोविशील्ड की दूसरी खुराक का गैप, अब UK में 8 हफ्ते बाद लगेगी वैक्सीन की दूसरी डोज◾ताबड़तोड़ रैलियों के बाद पश्चिम बंगाल पर टूटा कोरोना का कहर, 16 मई से 30 मई तक लगा संपूर्ण लॉकडाउन◾

भारत में कोरोना के आँकड़े #GharBaithoNaIndiaSource : Ministry of Health and Family Welfare

कोरोना की पुष्टि

इलाज चल रहा है

ठीक हो चुके

मृत लोग

उत्तर कोरिया ने शक्तिशाली परमाणु व सैन्य देश' बनने का दम भरा

वैश्विक व्यवस्था को चुनौती देते हुए उत्तर कोरिया ने 'विश्व का सबसे शक्तिशाली परमाणु व सैन्य देश बनने का दम भरा है। प्योंगयांग ने वैश्विक महाशक्ति बनने की महात्वाकांक्षा के संबंध में शुक्रवार को बयान दिया था।

इसके पहले संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने सुरक्षा परिषद को चेतावनी देते हुए कहा था, 'विश्व में आज कोरियाई महाद्वीप की स्थिति बहुत तनावपूर्ण और खतरनाक है' उत्तर कोरिया के स्थायी प्रतिनिधि जा सोंग-नाम ने एक सत्र के दौरान सुरक्षा परिषद से अपने परमाणु व मिसाइल कार्यक्रम के खतरे पर कहा, 'प्योंगयांग आगे बढ़ेगा और दो मोर्चो पर एकसाथ आगे बढ़ने के साथ देश परमाणु व सैन्य स्तर पर विश्व का सबसे ताकतवर देश बनने के लिए काफी प्रगति की है।

''दो मोर्चे' पर आगे बढ़ने का मतलब उत्तर कोरिया द्वारा एक साथ सैन्य व आर्थिक क्षमता में आगे बढ़ना है, दोनों ही क्षेत्र अंतर्राष्ट्रीय प्रतिबंध का सामना कर रहे हैं।

जा सोंग नाम ने उत्तर कोरिया द्वारा 29 नवंबर को किए गए अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल परीक्षण को महान नवंबर समारोह 'ग्रेट नवंबर इवेंट' कहा, जिसने देश के परमाणु शक्ति व रॉकेट शक्ति कार्यक्रम को परिपूर्ण करने में मदद की। कहा जा रहा है कि यह मिसाइल अमेरिका में किसी भी लक्ष्य को भेदने में सक्षम है और परीक्षण के दौरान यह देश के आर्थिक विशेष क्षेत्र की परिधि में जापान तट पर गिरा था।

विश्व के सबसे ताकतवर परमाणु व सैन्य शक्ति बनने का दम भरने के साथ ही जा ने कहा, 'जब तक हमारे हितों को खतरा पैदा नहीं होता, प्योंगयांग किसी भी देश या क्षेत्र के लिए खतरा नहीं है।' उन्होंने हालांकि मिसाइल प्रौद्योगिकी प्रसार के संबंध में कुछ नहीं बोला। अमेरिकी अधिकारियों व अमेरिकी और अंतर्राष्ट्रीय दस्तावेजों के अनुसार, पाकिस्तान व उत्तर कोरिया ने 1990 के दशक में एक समझौते के अंतर्गत, पाकिस्तान को उत्तर कोरिया से मिसाइल की तकनीक मिली थी और इसके बदले पाकिस्तान ने उत्तर कोरिया को परमाणु तकनीक दी थी।

अमेरिकी विदेश मंत्री रेक्स टिलरसन ने जे के बयान से पहले कहा था, 'उत्तर कोरिया के परमाणु खतरे से निपटने के लिए सभी विकल्प टेबल पर हैं, जबकि प्योंगयांग के साथ संचार के सभी रास्ते भी खुले हुए हैं।' टिलरसन ने कहा, 'अमेरिका खुद की रक्षा के लिए सभी कदम उठाएगा, लेकिन साथ ही हमने बातचीत के दरवाजे भी खोल रखे हैं।'

बाद में पत्रकारों से बातचीत करते हुए टिलरसन ने कहा, 'वाशिंगटन प्योंगयांग से बातचीत के लिए किसी भी पूर्व शर्त को स्वीकार नहीं करेगा।' चीन व रूस द्वारा अमेरिका व दक्षिण कोरिया के संयुक्त युद्धाभ्यास गतिविधि को रोकने के बदले उत्तर कोरिया के परमाणु व मिसाइल गतिविधि पर रोक के प्रस्ताव पर उन्होंने कहा, 'हम बातचीत के लिए पूर्व शर्त 'फ्रीज-फॉर-फ्रीज' को स्वीकार नहीं कर सकते।' उन्होंने कहा, 'हम बातचीत की शर्त के अंतर्गत किसी भी तरह के प्रतिबंध पर ढील को स्वीकार नहीं कर सकते। हम बातचीत के लिए पूर्व शर्त के तहत उत्तर कोरिया में मानवीय सहायता की बहाली को भी स्वीकार नहीं करेंगे।'

24X7 नई खबरों से अवगत रहने के लिए यहां क्लिक करें।