पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने अपने एक बयान में कहा कि हमे भारत के साथ द्विपक्षीय बातचीत करने से हमें कोई ऐतराज नहीं है । उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने कभी भी बातचीत करने से मना नहीं किया है ।
कुरैशी का यह बयान ऐसे समय में आया है जब कुछ दिन पहले पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने कहा था कि जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाए जाने के बाद भारत से कोई वार्ता नहीं होंगी । विदेश मंत्री ने कहा कि अगर इसमें कोई तीसरा पक्ष मध्यस्थता करता है तो पाकिस्तान को खुशी होगी, साथ ही, उन्होंने कहा कि भारत की तरफ से उन्हें वार्ता का कोई माहौल नहीं दिखता है ।
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कुरैशी ने कहा ने आगे कहा कि कश्मीर मुद्दे के तीन पक्ष हैं । भारत-पाकिस्तान और कश्मीर। उन्होंने कहा कि बातचीत शुरू होने के लिए जरूरी है कि नजरबंद किए गए कश्मीरी नेताओं को रिहा किया जाए। एक तरफा शर्त रखते हुए कुरैशी ने कहा कि उन्हें कश्मीरी नेतृत्व से मिलने की इजाजत दी जाए, ताकि वे उनसे बात कर सकें और फिर कश्मीरी नेतृत्व पर वार्ता के लिए दबाव डाल सकें । बता दें कि कुरैशी का ये बयान हाल के दिनों में पाकिस्तान की विदेश नीति में बड़ा बदलाव है ।


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