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विदेश

भारत कश्मीर संबंधी फैसले पर पुनर्विचार करे तो पाक अपने फैसले की समीक्षा को तैयार : कुरैशी

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पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने बृहस्पतिवार को कहा कि भारत यदि कश्मीर पर अपने कदमों पर पुनर्विचार को राजी हो जाता है तो इस्लामाबाद उसके खिलाफ अपने निर्णयों की समीक्षा करने को तैयार है। कुरैशी की यह टिप्पणी जम्मू कश्मीर पर भारत के फैसले के बाद पाकिस्तान द्वारा भारतीय उच्चायुक्त को निष्कासित किए जाने के एक दिन बाद आयी है। पाकिस्तान ने भारत के साथ अपने राजनयिक संबंधों को कमतर करने का फैसला किया है। 

पाकिस्तान ने जम्मू कश्मीर का विशेष दर्जा समाप्त करने के भारत के फैसले को ‘‘एकतरफा और अवैध’’ कदम बताया है। पाकिस्तान ने भारत के साथ सभी ‘‘द्विपक्षीय प्रबंधों’’ की समीक्षा करने की भी घोषणा की है। भारत हमेशा से कहता रहा है कि जम्मू कश्मीर उसका अभिन्न अंग है और मुद्दा देश का आंतरिक मामला है। 

कुरैशी ने कहा, ‘‘क्या वे अपने निर्णयों की समीक्षा को तैयार हैं? यदि वे करें तो, हम भी अपने निर्णयों की समीक्षा कर सकते हैं। समीक्षा दोनों ओर से होगी। यही शिमला समझौता कहता है।’’ 

राजनयिक कर्मियों की संख्या में कमी और उनकी गतिविधियों को सीमित करने के विचार के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने ‘हां’ में जवाब दिया। हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि वे इसे किस तरह करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान शिमला समझौते की कानूनी समीक्षा करेगा। 

शिमला समझौते पर 1972 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और पाकिस्तान के तत्कालीन राष्ट्रपति जुल्फीकार अली भुट्टो ने दस्तखत किए थे। कुरैशी ने कहा कि भारत के साथ द्विपक्षीय प्रबंधों की समीक्षा प्रधानमंत्री इमरान खान द्वारा गठित विशेष समिति द्वारा की जाएगी। उन्होंने हालांकि यह स्पष्ट नहीं किया कि किन प्रबंधों की समीक्षा की जाएगी। इससे पहले पाकिस्तान के रेल मंत्री ने घोषणा की कि भारत के साथ समझौता एक्सप्रेस ट्रेन सेवा निलंबित कर दी गई है। 

कुरैशी ने कहा कि कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा नहीं है। उन्होंने भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू का संदर्भ देते हुए कहा, ‘‘नेहरू ने 14 अवसरों पर घोषणा की’’ कि ‘‘कश्मीर का भविष्य कश्मीर के लोगों की सद्भावना और राजी-खुशी से तय होगा।’’ 

उन्होंने कहा कि पाकिस्तान कश्मीर मुद्दे को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में ले जाएगा। उन्होंने कहा कि वह क्षेत्र में हालिया घटनाक्रमों पर विचार-विमर्श के लिए जल्द ही चीन जाएंगे। कुरैशी ने यह भी कहा कि पाकिस्तानी हवाई क्षेत्र बंद किए जाने संबंधी खबरें सही नहीं हैं। उन्होंने कहा, ‘‘पाकिस्तान ने अपना हवाई क्षेत्र बंद नहीं किया है। यह फर्जी खबर है।’’ 

पाकिस्तान के विदेश मंत्री ने कहा कि तनाव बढ़ने के बावजूद करतारपुर पहल जारी रहेगी। उन्होंने कहा, ‘‘करतारपुर मामले में हमारी प्रतिबद्धता बरकरार है। हम सभी धर्मों का सम्मान करते हैं और लोगों से लोगों के बीच संपर्क में बाधा खड़ी नहीं करेंगे।’’ 

कुरैशी ने स्पष्ट किया कि भारत के खिलाफ पाकिस्तान की कार्रवाई की वजह से अफगानिस्तान के साथ व्यापार को नुकसान नहीं होगा। अफगानिस्तान के प्रति पाकिस्तान की कटिबद्धता बरकरार है। उन्होंने भारत के इस कथन को खारिज किया कि हालिया निर्णय क्षेत्र के सामाजिक-आर्थिक विकास के लिए किया गया है। उन्होंने, ‘‘इसका मतलब यह हुआ कि कश्मीर में पिछले 70 साल से कोई विकास नहीं हुआ है।’’ 

कुरैशी ने कहा कि भारत के साथ वार्ता से पाकिस्तान कभी नहीं भागा है। ‘‘पाकिस्तान उसके और भारत के बीच वार्ता कराने के किसी भी अंतरराष्ट्रीय प्रयास का समर्थन करेगा।’’ 

पाकिस्तानी विदेश मंत्री ने कहा कि उन्होंने यूरोपीय संघ की उच्च प्रतिनिधि फेडेरिका मोगेरिनी से बात की और उन्हें कश्मीर का विशेष दर्जा खत्म करने के भारत के फैसले के बारे में सूचना दी। उन्होंने मीडिया में आई उन खबरों को खारिज किया कि कश्मीर के हालिया घटनाक्रमों में अमेरिका के साथ पाकिस्तान की भी मिलीभगत है। उन्होंने कहा कि अमेरिका पहले ही कह चुका है कि भारत ने कश्मीर संबंधी निर्णय के बारे में उसे कोई सूचना नहीं दी। कुरैशी ने कहा कि पाकिस्तान सतर्क है और सुरक्षा के लिए आवश्यक सभी कदम उठाएगा।