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Ukraine Russia war: यूक्रेन की स्थिति पर चीन के प्रधानमंत्री ने व्यक्त की चिंता, रूस पर प्रतिबंधों को बताया गलत

चीन के प्रधानमंत्री ली क्विंग ने शुक्रवार को रूस और यूक्रेन के बीच युद्धविराम समझौते के लिए किए जा रहे सभी प्रयासों का समर्थन करने का आह्वान किया। उन्होंने रूस के खिलाफ अमेरिका और यूरोपीय संघ के प्रतिबंधों का विरोध करते हुए कहा कि वे कोविड-19 वैश्विक महामारी के प्रभावों से उबर रही वैश्विक अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाएंगे।
चीन के प्रधानमंत्री ने ‘‘यूक्रेन में मौजूदा स्थिति को गंभीर’’ बताते हुए कहा कि फिलहाल स्थिति के नियंत्रण से बाहर जाने या उकसावे से बचकर तनाव कम करने की जरूरत है।
रूस के साथ चीन के घनिष्ठ संबंधों का जिक्र किए बिना प्रधानमंत्री ने कहा
ली ने कहा कि चीन अत्यधिक संयम बरतने और यूक्रेन में बड़े पैमाने पर मानवीय संकट को रोकने का आह्वान करता है। उन्होंने कहा, चीन यूक्रेन में जल्द शांति बहाली के लिए सकारात्मक भूमिका निभाने को लेकर अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साथ काम करने को तैयार है। रूस के साथ चीन के घनिष्ठ संबंधों का जिक्र किए बिना प्रधानमंत्री ने कहा कि चीन ने हमेशा शांति के लिए एक स्वतंत्र विदेश नीति का पालन किया है और कभी भी किसी तीसरे पक्ष को निशाना नहीं बनाया है।
 नाटो में शामिल होने पर रूस की चिंताओं का परोक्ष रूप से जिक्र करते हुए
यूक्रेन के उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) में शामिल होने पर रूस की चिंताओं का परोक्ष रूप से जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि संप्रभुता एवं क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करते समय, देशों की सुरक्षा संबंधी वैध चिंताओं को भी गंभीरता से लिया जाना चाहिए। ली ने कहा, ‘‘ सभी देशों की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान किया जाना चाहिए। संयुक्त राष्ट्र घोषणा पत्र के उद्देश्यों तथा सिद्धांतों का पालन किया जाना चाहिए और सभी देशों की वैध चिंताओं को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।’’
इन प्रतिबंधों से वैश्विक अर्थव्यवस्था को और नुकसान पहुंचेगा
उन्होंने कहा, ‘‘ दुनिया की अर्थव्यवस्था कोविड-19 की वजह से पहले ही गहरा नुकसान उठा चुकी है। इन प्रतिबंधों से वैश्विक अर्थव्यवस्था को और नुकसान पहुंचेगा। यह किसी के भी हित में नहीं है।’’ मंगलवार को, चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने अपने फ्रांसीसी समकक्ष एमैनुएल मैक्रों और जर्मन चांसलर ओलाफ शॉल्त्स के साथ वार्ता में यूक्रेन में युद्ध को ‘‘चिंताजनक’’ करार दिया और रूस के खिलाफ अमेरिका और यूरोपीय संघ के प्रतिबंधों की आलोचना करते हुए कहा कि इस तरह के उपाय वैश्विक संकट पैदा करेंगे जो ‘‘किसी के हित’’ में नहीं है।
रूस के यूक्रेन के खिलाफ सैन्य कार्रवाई शुरू करने के बाद से, चीन ने पूरे मामले पर काफी तटस्थ रुख अपनाया है और रूस की कार्रवाई को आक्रमण मानने तथा उसकी निंदा करने से इनकार किया है।