BREAKING NEWS

भाजपा के नकारेपन के चलते जीतेंगे झारखंड : कांग्रेस◾UP में मुआवजे के लिए किसानों का प्रदर्शन हुआ उग्र ◾भाजपा के नकारेपन के चलते जीतेंगे झारखंड : कांग्रेस◾अयोध्या फैसले पर बोले यशवंत सिन्हा, कहा- इस फैसले में कुछ खामियां हैं, लेकिन हमें आगे बढ़ने की जरूरत◾UEA के नागरिकों को अब भारत आने पर सीधे मिलेगा वीजा◾महाराष्ट्र सरकार गठन : सोमवार को पवार सोनिया गांधी से करेंगे मुलाकात ◾विपक्ष ने संसद में अपनी संख्या बढ़ाई ◾बाल ठाकरे की पुण्यतिथि पर तेज हुई राजनीति◾PM मोदी ने राजपक्षे को भारत आने का दिया निमंत्रण◾प्रदूषण के मुद्दे पर केंद्र सोमवार को उत्तरी राज्यों के अधिकारियों के साथ करेगा उच्च स्तरीय बैठक ◾कर्नाटक उपचुनावों में उम्मीदवारों को भविष्य के मंत्री के तौर पर पेश कर रही है भाजपा ◾किसानो पर पुलिस बर्बरता शर्मनाक : प्रियंका◾नागरिकता विधेयक से लेकर आर्थिक सुस्ती पर विपक्ष के विरोध से शीतकालीन सत्र के गर्माने की संभावना ◾TOP 20 NEWS 17 November : आज की 20 सबसे बड़ी खबरें◾मंत्री स्वाती सिंह के कथित आडियो पर प्रियंका गांधी ने सरकार को घेरा ◾अयोध्या मामले पर पुनर्विचार याचिका दाखिल करेगा मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड◾उपभोक्ता खर्च के आंकड़े छिपाने के आरोपों में चिदंबरम का केंद्र सरकार पर निशाना◾प्रियंका गांधी ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं को वास्तविक मुद्दों पर फोकस करने का दिया निर्देश ◾सर्वदलीय बैठक में बोले PM मोदी- सभी मुद्दों पर चर्चा के लिए हैं तैयार ◾गोताबेया राजपक्षे ने जीता श्रीलंका के राष्ट्रपति का चुनाव, PM मोदी ने दी बधाई◾

विदेश

अमेरिका ने पहली बार हिजबुल्ला सांसदों पर लगाए प्रतिबंध

अमेरिका के वित्त विभाग ने लेबनान की संसद के दो हिजबुल्ला सदस्यों को अपनी प्रतिबंधों की काली सूची में डाल दिया। यह पहली बार है जब अमेरिका ने ईरान समर्थित समूह के निर्वाचित नेताओं को काली सूची में डाला है। 

लेबनान की इस शक्तिशाली शिया आंदोलनल पर वैश्विक दबाव बढ़ाने की कवायद के तौर पर वित्त विभाग ने सांसद अमीन शेरी और मुहम्मद हसन राड को आतंकवाद से संबंधित काली सूची में डालते हुए कहा कि हिजबुल्ला ने हिंसक गतिविधियों के लिए अपनी संसदीय शक्ति का इस्तेमाल किया। 

मूवमेंट के महासचिव हसन नसरल्ला के करीबी एक शीर्ष हिजबुल्ला अधिकारी वाफिक सफा को भी काली सूची में डाला गया है। अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ ने कहा कि अमेरिका ने तीन अधिकारियों को प्रतिबंधित किया है जिन्होंने हिजबुल्ला के लिए अपने पदों का फायदा उठाया। 

उन्होंने कहा, "हिजबुल्ला की राजनीतिक और सैन्य शाखाओं के बीच किसी तरह का अन्तर बनावटी है।" उन्होंने कहा, "हम अपने सहयोगियों और साझेदारों से हिजबुल्ला को पूरी तरह से एक आतंकवादी संगठन घोषित करने का आह्वान करते हैं।" पोम्पिओ ने पश्चिम एशिया में ईरान और हिजबुल्ला समेत उसके प्रतिनिधि संगठनों के खिलाफ अमेरिका के "अधिकतम दबाव" को इस कार्रवाई की वजह बताया। 

अमेरिका ने आधिकारिक रूप से हिजबुल्ला को "आतंकवादी समूह" घोषित कर रखा है। बहरहाल, अमेरिका ईरान के विदेश मंत्री मोहम्मद जावेद जरीफ पर ऐसे ही प्रतिबंध लगाने से रुक गया। वित्त मंत्री स्टीवन मुचिन ने बताया कि जून में ऐसे ही प्रतिबंध लगाए जाने थे। 

गोपनीयता की शर्त पर एक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी ने मंगलवार को बताया कि जरीफ को काली सूची में डाले जाने की किसी योजना की पुष्टि नहीं करेंगे। जरीफ ने साल 2015 ऐतिहासिक परमाणु समझौते को हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।