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वैक्सीन की बूस्टर डोज लेना जरूरी है या नहीं, अमेरिका के एक्सपर्ट्स की राय जानकर रह जाएंगे हैरान

अमेरिका में एक सरकारी सलाहकार समिति ने सभी लोगों को कोविड-19 रोधी टीके की अतिरिक्त खुराक (बूस्टर डोज) देने की योजना को अस्वीकार कर दिया है और केवल उन्हीं लोगों को बूस्टर डोज देने का समर्थन किया है जिनकी आयु 65 वर्ष या उससे अधिक है या फिर वे लोग जिन्हें गंभीर रोग होने का खतरा अधिक है। 

समिति का यह फैसला बाइडन प्रशासन के उन प्रयासों के लिए झटका है जिनकी घोषणा एक महीने पहले की गयी थी।फैसला खाद्य और औषधि प्रशासन (एफडीए) को सलाह देने वाले बाहरी विशेषज्ञों की प्रभावशाली समिति ने किया। समिति ने लगभग सभी के लिए बूस्टर खुराक की योजना को 2 के मुकाबले 16 वोट से खारिज कर दिया। सदस्यों ने अतिरिक्त खुराकों को लेकर सुरक्षा प्रदान करने संबंधी आंकड़ों की कमी का हवाला दिया और विशेष समूहों के मुकाबले सभी को बूस्टर खुराक देने के महत्व पर संशय जताया। 

इसके बाद समिति ने शून्य के मुकाबले 18 मतों से अमेरिका की चुनिंदा आबादी के लिए अतिरिक्त खुराक का समर्थन किया, उन लोगों के लिए जिन्हें वायरस से अधिक खतरा है। शुक्रवार को हुआ मतदान इस प्रक्रिया में पहला कदम है। एफडीए अगले कुछ दिन में बूस्टर डोज के बारे में कोई फैसला ले सकता है हालांकि आमतौर पर यह समिति की सिफारिशों को अपनाता है। टफ्ट्स विश्वविद्यालय के डॉ. कोडी मीसनर ने कहा, ‘‘मुझे नहीं लगता कि बूस्टर डोज का महामारी पर काबू पाने में 

उल्लेखनीय योगदान हो सकता है। मेरे खयाल से जो मुख्य संदेश हमें देना चाहिए वह यह है कि हर व्यक्ति को टीके की दो खुराक लगें।’’ सीडीसी से संबंधित डॉ अमांडा कोहन ने कहा, ‘‘इस वक्त यह स्पष्ट है कि जिन लोगों का टीकाकरण नहीं हुआ है वे अमेरिका में संक्रमण का कारक बन रहे हैं।’’