BREAKING NEWS

मोदी..शी की ब्राजील में बैठक के बाद भारत, चीन अगले दौर की सीमा वार्ता करने पर हुए सहमत ◾कुलभूषण जाधव मामले में पाकिस्तान ने भारत से किसी भी समझौते से किया इनकार ◾राफेल के फैसले से JPC की जांच का रास्ता खुला : राहुल गांधी ◾राफेल पर उच्चतम न्यायालय के फैसले के बाद देवेंद्र फड़णवीस बोले- राहुल गांधी को अब माफी मांगनी चाहिए ◾नोबेल विजेता कैलाश सत्यार्थी ने कहा- शुद्ध हवा सुनिश्चित करने के लिए प्रधानमंत्री को ठोस कदम उठाने चाहिए◾TOP 20 NEWS 14 November : आज की 20 सबसे बड़ी खबरें◾RSS-भाजपा को सबरीमाला पर न्यायालय का फैसला मान लेना चाहिए : दिग्विजय सिंह ◾महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लगाए जाने को लेकर CM ममता ने राज्यपाल कोश्यारी पर साधा निशाना ◾प्रधानमंत्री की छवि बिगाड़ने के लिए कांग्रेस ने लगाए थे राफेल सौदे पर भ्रष्टाचार के आरोप : राजनाथ◾राफेल मामले में SC के फैसले को रविशंकर ने बताया सत्य की जीत, राहुल गांधी से की माफी की मांग ◾हरियाणा सरकार के मंत्रीमंडल का हुआ विस्तार, 6 कैबिनेट और 4 राज्यमंत्रियों ने ली शपथ◾अमेठी : अभद्रता का वीडियो वायरल होने के बाद DM पद से हटाए गए प्रशांत शर्मा◾कर्नाटक के अयोग्य घोषित विधायक बीजेपी में हुए शामिल, CM येदियुरप्पा ने किया स्वागत◾शिवसेना के सांसद संजय राउत ने BJP से कहा- हमें डराने या धमकाने की कोशिश न करें ◾अवमानना मामले में राहुल गांधी को मिली राहत, सुप्रीम कोर्ट ने माफीनामा किया स्वीकार◾सबरीमाला मामले में SC ने पुनर्विचार के लिए समीक्षा याचिकाएं 7 न्यायाधीशों की पीठ के पास भेजी◾ब्रिक्स सम्मेलन में बोले PM मोदी- भारत दुनिया की सबसे खुली और निवेश के अनुकूल अर्थव्यवस्था है◾राफेल मामले में केंद्र सरकार को मिली राहत, सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की पुनर्विचार याचिका◾पेट्रोल के दाम में एक बार फिर हुआ इजाफा, डीजल के भाव स्थिर ◾दिल्ली में हवा फिर हुई जहरीली, लोधी रोड इलाके में 500 के पार पहुंचा AQI◾

विदेश

व्हाइट हाउस ने मध्य पूर्व शांति योजना के पहले भाग का खुलासा किया

व्हाइट हाउस ने मध्य पूर्व में शांति के अपने प्रस्ताव के पहले भाग का अनावरण कर दिया है जिसे वेस्ट बैंक, गाजा और पूरे क्षेत्र में मुद्रा निवेश करने के लिए आर्थिक कार्यशाला माना जा रहा है। एक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी ने सीएनएस को यह जानकारी दी। व्हाइट हाउस ने रविवार को घोषणा करते हुए कहा कि कार्यशाला मनामा और बहरीन में 25-26 जून को होगी।

इस प्रयास की अगुआई व्हाइट हाउस के वरिष्ठ सलाहकार और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दामाद जरेड कुश्नर और व्हाइट हाउस मध्य पूर्व के राजदूत जेसन ग्रीनब्लाट कर रहे हैं, जिन्होंने इस प्रस्ताव को तैयार करने में कई साल लगा दिए हैं। कुश्नर ने रविवार को सीएनएस से कहा, 'लोग अपने दादाओं के विवादों से अपने बच्चों का भविष्य बरबाद कर रहे हैं। यह एक रोमांचक, वास्तविक, व्यावहारिक मार्ग प्रस्तुत करेगा जो अभी मौजूद नहीं है।' वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी ने कहा कि इस प्रस्ताव के चार प्रमुख घटक होंगे - बुनियादी ढांचा, उद्योग, लोगों का सशक्तिकरण और उनमें निवेश और क्षेत्र को यथासंभव निवेश योग्य बनाने के लिए शासकीय सुधार।

वित्त मंत्रियों को उनके औद्योगिक नेताओं के साथ आमंत्रित किया गया है। इसमें विदेश मंत्रियों को आमंत्रित नहीं किया है। हालांकि, रविवार दोपहर को फिलिस्तीन प्राधिकरण के अध्यक्ष महमूद अब्बास के प्रवक्ता नबिल अबु रुदीनेह ने सीएनएस से बात करते हुए इस योजना को निर्थक बताया था।

उन्होंने कहा, 'बिना राजनीतिक दृष्टि से बनाई गई कोई भी वित्तीय योजना विफल होती है. फिलिस्तीन ऐसे किसी प्रस्ताव को स्वीकार नहीं करेगा जो पूर्वी जेरूसलम को फिलिस्तीन की राजधानी नहीं मानेगा।' अबु रुदीनेह ने कहा कि फिलीस्तीन इस कार्यशाला में हिस्सा लेगा या नहीं यह फैसला अब्बास के नेतृत्व में किया जाएगा। उन्होंने साथ ही कहा कि गाजा में आर्थिक और मानवीय स्थिति को सुधारने के लिए ऐसी ही एक बैठक मार्च 2018 में वॉशिंगटन में हुई थी जिसमें फिलिस्तीन ने शामिल नहीं होने का फैसला किया था।