चीन और नेपाल का ‘बेल्ट एंड रोड’ पहल पर करार, बढ़ सकती है भारत की चिंता


काठमांडू : नेपाल और चीन ने ‘बेल्ट एंड रोड’ पहल के तहत द्विपक्षीय सहयोग के लिए एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, “नेपाल के विदेश सचिव शंकर दास बैरागी और चीन के राजदूत यू होंग ने नेपाल की राजधानी में एक कार्यक्रम के दौरान समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए।” नेपाल के विदेश सचिव बैरागी ने कहा, “यह समझौता नेपाल और चीन के द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊंचाई पर ले जाएगा।”

नेपाल के उप प्रधानमंत्री कृष्ण बहादुर महारा ने कहा, “नेपाल अभी चीन द्वारा प्रस्तावित ‘बेल्ट एंड रोड’ का सदस्य बना है। चीन के नेतृत्व को इस तरह के व्यापक विचार की पहल करने के लिए धन्यवाद जोकि चीन और अन्य देशों और विश्वभर के क्षेत्रों के बीच परस्पर लाभकारी सहयोग में वृद्धि पर ध्यान केंद्रित करता है।”

उन्होंने विश्वास जताया कि नेपाल आने वाले दिनों में इस पहल के द्वारा कई क्षेत्रों में लाभ ले सकता है। उन्होंने कहा, “नेपाल सबसे कम विकसित देश की पहचान से बाहर निकालने को देख रहा है। हमारी आर्थिक विकास दर बढ़ रही है और इसकी पूरी संभावनाएं हैं। चीन की मदद से हम अपनी आर्थिक समृद्धि को प्राप्त कर सकते हैं।”

‘बेल्ट एवं रोड’ की शुरुआत 2013 में की गई थी। इसका उद्देश्य व्यापार और बुनियादी ढांचा संपर्क को विकसित कर एशिया को यूरोप और अफ्रीका से जोड़ना है। इसके केंद्र में प्राचीन समय के व्यापार के मार्गो को फिर से इस्तेमाल करना है।।