चीन ने अमेरिका से कहा है कि वह शिनजियांग में उइगरों के बहाने उसके घरेलू मामलों में दखलंदाजी करना बंद करे। चीन ने चेतावनी देते हुए कहा कि अमेरिका ने अगर चीन के वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ प्रतिबंध लगाए तो इससे द्विपक्षीय संबंधों पर असर पड़ेगा। अमेरिकी विदेश विभाग ने मंगलवार को कहा था कि वह चीन के पश्चिमी प्रांत शिनजियांग में उइगर मुस्लिमों के साथ ‘लगातार बदतर हो रही दमनात्मक कार्रवाई’ से चिंतित है।

एक समाचार रिपोर्ट में यह भी खुलासा हुआ है कि अमेरिका, चीन के इस अशांत क्षेत्र में नीतियां बनाने वाले अधिकारियों पर प्रतिबंध लगाने के विकल्प पर विचार कर रहा है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता जेंग शुआंग ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘चीन हमेशा से ही अमेरिका द्वारा चीन के मामलों में दखलंदाजी करने के लिए शिनजियांग संबंधी मामलों का उपयोग करने का विरोध करता रहा है।’ उन्होंने कहा, ‘चीन की सरकार लोगों की धार्मिक स्वतंत्रता की रक्षा करती है और यहां सभी धर्मो के लोगों को पूरी धार्मिक स्वतंत्रता है।’

जेंग ने कहा, ‘अगर वह रिपोर्ट सच है तो हम इस मामले में संबंधित पार्टी से पूर्वाग्रह छोड़ने और ऐसी कार्रवाई ना करने का आग्रह करते हैं जिससे चीन-अमेरिका के आपसी विश्वास और सहयोग को नुकसान पहुंचे।’ ऐसी रिपोर्ट हैं कि शिनजियांग में चीन ने 10 लाख से ज्यादा मुस्लिमों को शिविरों में बंद किया हुआ है जहां उन्हें कम्युनिस्ट पार्टी के विचारों की घुट्टी पिलाई जा रही है। संयुक्त राष्ट्र और मानवाधिकार संगठनों ने इस पर चिंता व्यक्त की है।  शिनजियांग में बड़ी संख्या में तुर्की भाषा बोलने वाले उइगर मुस्लिम रहते हैं। यहां आंदोलन हो चुके हैं और चीन की सत्ता इनमें से कई को अलगाववादी मानती है।