अमेरिका में खतरनाक फ्लोरेंस तूफान कैरोलिना तट के पास पहुंच गया है. अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि तूफ़ान की वजह से बड़ा नुकसान हो सकता है। इस तूफान में 155 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल रही है और मूसलाधार बारिश हो रही है।

एहतियात के तौर पर तटीय इलाके के पास रहने वाले लोग अपने घरों को छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जा रहे हैं. पूर्वी तट पर 54 लाख से ज्यादा लोगों के घर हैं। इनमें से कुछ चेतावानियों के बावजूद वहीं रह रहे हैं जबकि कई अन्य लोग कोई भी खतरा मोल नहीं ले रहे हैं। नॉर्थ कैरोलिना के गवर्नर रॉय कूपर हर किसी को घर छोड़कर जाने के लिए राजी करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘जिस तरह की लहरें उठ रही हैं और हवाएं चल रही है तो यह तूफान ऐसा हो सकता है जो आपने पहले कभी ना देखा हो. अगर आप पहले भी तूफान से पीड़ित रहे हों तो यह उससे भी अलग हो सकता है।’’

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नॉर्थ और साउथ कैरोलिना और वर्जीनिया के लिए आपातकाल घोषित किया जिससे संघीय सहायता का रास्ता खुल गया है। उन्होंने कहा कि संघीय सरकार फ्लोरेंस के लिए ‘‘पूरी तरह तैयार’’ है. तीनों राज्यों में तट पर रहने वाले लोगों को स्थान खाली करने के आदेश दिए गए हैं।.फ्लोरेंस अटलांटिक में तूफान के तीनों रूपों में से सबसे खतरनाक है। भयानक चक्रवात नेटे अमेरिका के खाड़ी तट पर पहुंचा, मध्य अमेरिका में मार चुका है दर्जनों

इस महीने जापान में भी आ चुका तूफान। जापान में आए शक्तिशाली तूफान से मरने वालों की संख्या बुधवार को दस पहुंच गई और तूफान से पहुंची क्षति की वजह से एक मुख्य हवाईअड्डे पर फंसे हजारों लोगों को नाव की मदद से बाहर निकाला जा रहा है. देश के व्यस्त हवाई अड्डों में से एक कंसाई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर कल रात तूफान की वजह से हजारों यात्री फंसे हुए थे। यहां आंशिक रूप से बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो गई थी। जापान के पश्चिमी तट पर तूफान ‘जेबी’ ने मंगलवार को दोपहर में दस्तक दी। तूफान की वजह से तेज हवा चलने के साथ ही भारी बारिश भी हो रही थी। बुधवार को दोपहर तक सैकड़ों लोगों को एक विशेष नाव के सहारे कोब ले जाया गया लेकिन हजारों लोग अब भी प्रतीक्षा में हैं।