फेसबुक के निदेशक मंडल ने कंपनी की चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर (सीओओ) शेरिल सैंडबर्ग के उस फैसले का बचाव किया है, जिसमें उन्होंने अरबपति जॉर्ज सोरोज द्वारा कथित रूप से कंपनी की छवि धूमिल करने के मामले में अपने कर्मचारियों से उनके संबंध में जानकारी जुटाने का आग्रह किया था। सीएनईटी की बुधवार की एक रिपोर्ट के मुताबिक, बोर्ड ने एक पत्र में कहा कि सैंडबर्ग ने अपने स्टाफ से सोरोस के वित्तीय स्रोतों के बारे में जानकारी जुटाने को कहा था।

 सोरोस ने फेसबुक और गूगल जैसी कंपनियों को खतरा बताया था, जिसके बाद सैंडबर्ग ने अपने स्टाफ को ऐसा करने के निर्देश दिए। पत्र में कहा गया, ‘फेसबुक स्टाफ ने तुंरत सोरोस की आलोचनाओं की वजह (चाहे वह कोई वित्तीय वजह हो या कुछ और) समझने के प्रयास के लिए रिसर्च करनी शुरू कर दी। सीओओ के नाते सैंडबर्ग के सवाल पूरी तरह से उचित थे।’

न्यूयॉर्क टाइम्स की नवंबर की जांच में कहा गया कि सोशल नेटवर्क फेसबुक ने एक पॉलिटिकल कंसल्टिंग और पीआर फर्म को हायर किया है ताकि सोरोस सहित उसके प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ नकारात्मक लिखा जा सके। रिपोर्ट में कहा गया कि फेसबुक ने वाशिंगटन स्थित कंपनी डिफाइनर्स पब्लिक अफेयर्स को हायर किया था, जो फेसबुक का पीआर संबंधी काम करता था और कंपनी के प्रतिद्वंद्वियों और आलोचकों के खिलाफ नकारात्मक लिखता था। इस रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए फेसबुक के सीईओ जुकरबर्ग और सैंडबर्ग ने इनकार करते हुए कहा कि उन्हें इस कंपनी (डिफाइनर्स) के बारे में पहले से कोई जानकारी नहीं थी।