पूर्व वरिष्ठ राजनयिक प्रीति सरन को संयुक्त राष्ट्र के आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक अधिकारों की समिति (सीईएससीआर) में एशिया प्रशांत सीट के लिए निर्विरोध चुना गया। संयुक्त राष्ट्र की आर्थिक और सामाजिक परिषद (ईसीओएसओसी) ने बुधवार को आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक अधिकारों पर अंतर्राष्ट्रीय अनुबंध (आईसीईएसआर) के कार्यान्वयन पर नजर रखने वाले विशेषज्ञों की 18 सदस्यीय समिति के लिए घोषणा की, जिसमें हाल ही में सेवानिवृत हुई विदेश मंत्रालय की सचिव (पूर्व) को चुना गया।

 सरन एक जनवरी 2019 से चार वर्षीय कार्यकाल की शुरुआत करेंगी। सरन के चुने जाने के बाद संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थाई प्रतिनिधि सैयद अकबरुद्दीन ने ट्वीट कर कहा, ‘भारतीय उम्मीदवार प्रीति सरन को चुनने के लिए हमारे सभी दोस्तों को धन्यवाद..’ ईएससीआर के सदस्य अपनी निजी क्षमताओं में विशेषज्ञों के रूप में कार्य करते हैं और अपने देश का प्रतिनिधित्व नहीं करते हैं, भले ही उन्हें अपने देश द्वारा नामित किया गया हो।

भारत को संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद में अक्टूबर में चुना गया था, जहां प्रतिनिधित्व देश द्वारा किया जाता है, न कि व्यक्तियों द्वारा। 193 सदस्यीय महासभा में इसे 188 वोट मिले थे। नवंबर में भारत ने सरन को नामांकित किया, जो सितंबर में विदेश सेवा से सेवानिवृत्त हुई थीं, और उनका नामांकन 23 नवंबर को महासचिव एंटोनियो गुटेरेस द्वारा संयुक्त राष्ट्र के सदस्यों को भेजा गया था।

 सरन के चुने जाने से सीईएससीआर में एक और महिला शामिल हो गई, जिसकी 18 सदस्यीय पैनल में केवल पांच महिलाएं होने के चलते आलोचना की जाती रही है। अपने 36 साल के राजनयिक करियर के दौरान सरन वियतनाम में राजदूत के रूप में भी सेवा दे चुकी हैं और जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र के भारतीय मिशन में मंत्री और सलाहकार के रूप में काम कर चुकी हैं।