खुशखबरी: सऊदी अरब में महिलाओं को मिली गाड़ी चलाने की आजादी


सऊदी अरब ने आज कहा कि वह महिलाओं को गाड़ी चलाने की अनुमति देगा और उसके इस फैसले से महिलाओं के प्रति रूढ़िवादी सोच रखने वाले इस देश में सामाजिक कार्यकर्ताओं के बीच खुशी की लहर दौड़ पड़ी। सऊदी अरब ऐसा करने वाला दुनिया का आखिरी देश है। महिलाओं के गाड़ी चलाने पर लंबे समय से लगे प्रतिबंध को इस खाड़ी देश में महिलाओं के दमन के रूप में देखा जाता है और महिला कार्यकर्ताओं के वर्षों के संघर्ष के बाद यह कदम उठाया गया है।

सऊदी के सरकारी टीवी ने कहा, शाह सलमान बिन अब्दुलाजीज अल सौद ने एक आदेश जारी कर देश में महिलाओं के लिए ड्राइविंग लाइसेंस जारी करने की अनुमति दी है। यह आदेश जून 2018 से लागू होगा। घोषणा में कहा गया है कि तब तक सऊदी अरब लाइसेंस देने की अपनी सुविधा को बढ़ाने और लाखों नए चालकों के लिए बुनियादी ढांचा सुविधाएं बढ़ाने की तैयारी करेगा। सऊदी अरब के इस फैसले का देश से लेकर विदेश में काफी स्वागत किया जा रहा है।

सऊदी शूरा काउंसिल सदस्य लतिफाह अल्शालान ने ट्वीट कर कहा, एक शानदार दिन। मैं अपने आंसू नहीं रोक पायी। मेरे देश की महिलाओं को बधाई। वर्ष 2011 के वुमेन ड्राइव आंदोलन का नेतृत्व करने वाली कार्यकर्ता मनाल अल शरीफ ने ट्वीट किया, आज, महिलाओं को गाड़ी चलाने की अनुमति देने वाला धरती का आखिरी देश…हमने कर दिखाया। इस बीच, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सऊदी अरब में आधी आबादी को गाड़ी चलाने की अनुमति देने के फैसले की सराहना करते हुए इसे एक सकारात्मक कदम बताया। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव सारा सैंडर्स ने कहा कि ट्रंप ने महिलाओं को गाड़ी चलाने का अधिकार देने के सऊदी अरब के फैसले की सराहना की।

सैंडर्स ने कहा, सऊदी अरब में महिलाओं के अधिकारों और उनके लिए अवसरों का प्रचार करने की ओर यह सकारात्मक कदम है। उन्होंने एक बयान में कहा, हम ऐसे सुधारों के जरिए सरूदी समाज और अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के सऊदी अरब के प्रयासों और सऊदी विजन 2030 लागू करने में उसका समर्थन करते रहेंगे। विदेश विभाग की प्रवक्ता हीथर नोर्ट ने संवाददाता सम्मेलन में कहा, हम खुश हैं। हम निश्चित रूप से यह सुनकर खुश हैं। सऊदी की महिलाएं अब गाडय़िां चला सकती हैं।

यह उस देश के लिए सही दिशा में उठाया गया अच्छा कदम है। एमनेस्टी इंटरनेशनल ने सऊदी अरब के फैसले का स्वागत किया है। पश्चिम एशिया और उत्तर अफ्रीका के लिए एमनेस्टी इंटरनेशनल्स रिसर्च एंड एडवोकेसी निदेशक फिलिप लूथर ने कहा, यह महिलाओं की बहादुरी का सबूत है जो कई वर्षों से अभियान चला रही थीं जिससे सऊदी अरब की सरकार नरम पड़ी और महिलाओं को गाड़ी चलाने की अनुमति दी।