पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने अमेरिका पर ‘पाकिस्तान को दरकिनार करने’ का आरोप लगाया और कहा कि वह वाशिंगटन से कभी भी ऐसा रिश्ता नहीं चाहेंगे, जहां उनके देश के साथ ‘भाड़े के टट्टू’ जैसा व्यवहार किया जाए। खान ने वाशिंगटन पोस्ट को गुरुवार को दिए साक्षात्कार में 1980 में सोवियत संघ के विरुद्ध युद्ध और आतंकवाद के खिलाफ मौजूदा संघर्ष का संदर्भ देते हुए कहा, ‘मैं कभी भी ऐसा संबंध नहीं चाहूंगा, जहां पाकिस्तान के साथ एक भाड़े के टट्टू जैसा व्यवहार किया जाए-किसी और के युद्ध में लड़ने के लिए पैसे दिए जाएं।’ उन्होंने कहा, ‘हमें कभी भी खुद को इस स्थिति में नहीं आने देना चाहिए।

इससे न केवल हमारे लोगों की जान गई, हमारे जनजातीय क्षेत्रों को भी क्षति पहुंची, बल्कि हमारी गरिमा को भी ठेस पहुंचा। हम अमेरिका से एक समुचित संबंध चाहेंगे।’ यह पूछे जाने पर कि अमेरिका के साथ एक आदर्श संबंध क्या होगा? खान ने कहा, ‘उदाहरण के लिए, चीन के साथ हमारे संबंध एकपक्षीय नहीं हैं।

यह दो देशों के बीच व्यापार संबंध है। हम इसी तरह का संबंध अमेरिका से चाहते हैं।’ उन्होंने कहा कि पाकिस्तान चीन की तरफ नहीं झुक रहा है, बल्कि यह वाशिंगटन का व्यवहार है, जिसकी वजह से द्विपक्षीय संबंधों में बदलाव आया है। खान ने कहा, ‘अमेरिका वास्तव में पाकिस्तान को दरकिनार कर रहा है।’ यह पूछे जाने पर कि वह क्यों अमेरिका विरोधी सोच रखते हैं? खान ने कहा कि वाशिंगटन की नीतियों से असहमत होना ‘अमेरिका-विरोधी’ हो जाना नहीं है। खान ने कहा, ‘यह काफी साम्राज्यवादी दृष्टिकोण है। या तो आप मेरे साथ हों या मेरे विरुद्ध हों।’