मोदी-ट्रम्प चर्चाओं का हिस्सा होगा असैन्य परमाणु समझौता : व्हाइट हाउस


वाशिंगटन : असैन्य परमाणु समझौता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के बीच होने वाली चर्चाओं का हिस्सा होगा। व्हाइट हाउस ने यह जानकारी देते हुए इस बात पर जोर दिया कि उम्मीद है कि भारत की ऊर्जा सुरक्षा में अमेरिका-निर्मित परमाणु रिएक्टर योगदान करेंगे।

व्हाइट हाउस ने कहा, “हमें उम्मीद है कि भारत की ऊर्जा सुरक्षा में अमेरिका-निर्मित परमाणु रिएक्टर योगदान करेंगे। हमारा मानना है कि इस असैन्य परमाणु समझौते से भारत की ऊर्जा सुरक्षा के साथ साथ अमेरिकी लोगों को रोजगार और कारोबारी अवसर मिलेंगे।” प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगले सप्ताह होने वाली अमेरिका यात्रा से पहले अमेरिकी प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने संवाददाताओं को बताया, ” इसलिये इस समझौते को हम आगे बढ़ते देखना चाहते हैं।”

असैन्य परमाणु समझौता टाले जाने संबंधी रिपोर्टें खारिज

एक प्रश्न के जवाब में अधिकारी ने इस मुद्दे को टाले जाने संबंधी उन रिर्पोटों को खारिज किया और कहा, “यह चर्चा का हिस्सा होगा। यह व्हाइट हाउस ऊर्जा सप्ताह है, इसलिए असैन्य परमाणु ऊर्जा सहयोग का मुद्दा आना ही है।” बहरहाल, प्रधानमंत्री मोदी की ट्रम्प के साथ होने वाली पहली मुलाकात के लिये तैयारी कर रहे व्हाइट हाउस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अमेरिकी राष्ट्रपति भारत की अर्थव्यवस्था और सामरिक क्षमता से अच्छे तरीके से वाकिफ हैं।

उन्होंने बताया कि बतौर कारोबारी ट्रम्प पहले भी भारत की व्यावसायिक राजधानी मुंबई की यात्रा कर चुके हैं। उन्होंने कहा, “जैसा कि आप जानते हैं, अपने चुनाव प्रचार के दौरान वह भारतीय-अमेरिकी समुदायों के साथ संपर्क में थे। उन्होंने भारत के प्रति बेहद सकारात्मक भावना दर्शायी थी।” अधिकारी ने बताया कि मोदी की यात्रा को लेकर काफी समय पहले से तैयारियां चल रही हैं और हमलोग वाकई में उनकी अच्छी यात्रा को लेकर आशान्वित हैं।