पनामा पेपर्स मामला : नवाज शरीफ के दामाद और बेटी को मिली जमानत


इस्लामाबाद : पाकिस्तान की भ्रष्टाचार रोधी अदालत ने अपदस्थ पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की बेटी और दामाद को पनामा पेपर्स घोटाले में आज जमानत दे दी जहां वे लंदन से लौटने के बाद पेश हुए थे। एहतिसाब (जवाबदेही) अदालत में पेश होने के लिए शरीफ की 43 वर्षीया बेटी मरयम नवाज अपने पति एवं सेना के पूर्व कैप्टन मोहम्मद सफदर के साथ कल रात स्वदेश लौटी थी। लंबित भ्रष्टाचार के मामलों में सफदर के खिलाफ अदालत से गैर जमानती वारंट जारी हुआ था।

उन्हें यहां पहुंचने पर हवाईअड्डे से गिरफ्तार कर लिया गया था। मरयम और सफदर दोनों न्यायाधीश मोहम्मद बशीर की अदालत में अलग अलग पेश हुए। शरीफ और उनके दो बेटे इस सुनवाई के दौरान गैरहाजिर थे। वे शरीफ की पत्नी कुलसुम शरीफ के साथ लंदन में हैं जहां वह गले के कैंसर से संघर्ष कर रही हैं। पिछली दो सुनवाइयों में शरीफ पेश हुए थे, लेकिन वह पिछले हफ्ते अपनी बीमार पत्नी को देखने लंदन चले गए जहां कुलसुम का तीसरा आपरेशन हुआ।

अदालत के अधिकारियों के अनुसार अदालत ने मरयम और सफदर की जमानत याचिकाएं स्वीकार कर लीं और 13 अक्तूबर तक सुनवाई मुलतवी कर दी। शरीफ के वकील ख्वाजा हारिस ने अदालत से 15 दिन के लिए सुनवाई स्थगित करने का आग्रह किया और वादा किया कि शरीफ भी पेश होंगे। अदालत ने आग्रह ठुकरा दिया और कहा कि वह अगली सुनवाई में आरोपी को आरोपित करेगी।

अदालत ने शरीफ के बेटों – हुसैन और हसन – को फरार मुजरिम घोषित करने की प्रक्रिया भी शुरू करने का आदेश दिया क्योंकि वे अभी तक अदालत के समक्ष पेश नहीं हो पाए हैं। अदालत ने हुसैन और हसन के लिए शरीफ, उनकी बेटी और दामाद से अलग सुनवाई करने का भी फैसला किया। मरयम को शरीफ की सियासी वारिस के रूप में पेश किया जा रहा है। वह आज पहली बार अदालत के समक्ष पेश हुई। उन्हें गिरफ्तारी के एक गैर-जमानती वारंट पर 50 हजार रूपये का मुचलका जमा करने का आदेश दिया गया।

कौमी एहतिसाब ब्यूरो (एनएबी) के वकीलों ने अदालत से सफदर को न्यायिक हिरासत पर जेल भेजने का आग्रह किया लेकिन अदालत ने उन्हें जमानत प्रदान कर दी और 50 हजार रूपये का मुचलका जमा करने का निर्देश दिया। अदालत ने सफदर का पासपोर्ट जब्त करने का एनएबी का आग्रह ठुकरा दिया और उनसे विदेश जाने से पहले अदालती मंजूरी लेने का निर्देश दिया । मरयम ने अपने पति की गिरफ्तारी की आलोचना की और कहा, जो मुक्त इच्छा से पेश होना चाहते हैं, उन्हें हवाई अड्डे से गिरफ्तार किया गया, लेकिन हम इससे खौफजदा नहीं हैं।