मॉस्कोः रूस का एक विमान राजधानी के दोमोदेदोवो हवाईअड्डे से रविवार को उड़ान भरने के बाद मॉस्को के बाहरी इलाके में क्रैश हो गया। विमान में 71 लोग सवार थे, जिनमें से कोई भी जीवित नहीं बचा। रूसी मीडिया की खबर के मुताबिक यह विमान यूराल पर्वतमाला के दक्षिणी छोर पर स्थित ओर्स्क शहर जा रहा था। विमान मॉस्को के बाहर रमेंस्की जिले में हादसे का शिकार हुआ। एंतोनोव ऐन -148 विमान का परिचालन घरेलू सारातोव एयरलाइंस करती है. प्रधानमंत्री मोदी ने संवेदना प्रकट की है। मोदी ने अपने संदेश में कहा कि मॉस्को में हुई विमान दुर्घटना में दुखद तरीके से लोगों के मारे जाने पर गहरा शोक जताता हूं। हमारी संवेदनाएं मृतकों के परिजनों के साथ हैं।

रूस के परिवहन जांच कार्यालय ने बताया कि विमान में 65 यात्री और चालक दल के छह सदस्य सवार थे। सभी की मौत हो गई। समाचार एजेंसियों ने बताया कि अर्गुनोवो गांव में लोगों ने आग की लपटों में घिरे विमान को आसमान से गिरते देखा।

राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने शोकाकुल परिवारों के प्रति संवेदना जताई है। पुतिन के प्रवक्ता दमित्री पेस्कोव ने बताया कि दुर्घटना में अपने सगे संबंधियों को खोने वाले लोगों के प्रति राष्ट्रपति ने गहरी संवेदना प्रकट की है।

सरकारी टीवी ने दुर्घटना स्थल का एक वीडियो जारी किया जिसमें बर्फ में विमान के मलबे दिख रहे हैं। रूस में हाल के दिनों में भारी बर्फबारी देखी गई और दृश्यता कथित तौर पर बहुत कम रही है। रूसी आपात सेवा में मौजूद एक सूत्र ने इंटरफैक्स समाचार एजेंसी को बताया कि विमान में सवार 71 लोगों के जीवित बचे होने की कोई संभावना नहीं है।

इसी समाचार एजेंसी ने खबर दी कि विमान का मलबा दुर्घटनास्थल के पास एक बड़े इलाके में बिखर गया। रूस निर्मित विमान सात साल पुराना था औ इसे सारातोव एयरलाइंस ने एक साल पहले दूसरी रूसी एयरलाइन से खरीदा था. रूसी मीडिया के मुताबिक आपात सेवाएं सड़क मार्ग से दुर्घटनास्थल पर पहुंच पाने में अक्षम हैं और बचावकर्मी मौके पर पैदल ही जा रहे हैं। आपात सेवाओं ने एक बयान में कहा कि दुर्घटना स्थल पर 150 से अधिक बचावकर्मियों को लगाया गया है।

परिवहन जांच कार्यालय ने बताया कि उड़ान भरने के करीब चार मिनट के अंदर ही विमान राडार से ओझल हो गया. समाचार एजेंसियों की खबर के मुताबिक रूसी परिवहन मंत्री दुर्घटनास्थल पर जा रहे हैं। परिवहन मंत्रालय ने कहा कि दुर्घटना के लिए मौसम की परिस्थिति और मानवीय गलती सहित कई कारण हो सकते हैं।

ओरेनबर्ग क्षेत्र के गवर्नर ने रूसी मीडिया को बताया कि विमान में सवार 60 से अधिक लोग इसी क्षेत्र से थे। अभियोजकों ने दुर्घटना के बाद सारातोव एयरलाइंस की जांच शुरू की है. आरआईए नोवोस्ती समाचार एजेंसी की खबर के मुताबिक रूसी जांच कमेटी हर संभव कारणों पर विचार करेगी।ओर्स्क शहर ओरेनबर्ग क्षेत्र में दूसरा सबसे बड़ा शहर है. यह कजाखिस्तान की सीमा के पास स्थित है।

गौरतलब है कि रूस ने कई विमान दुर्घटनाओं का सामना किया है. एयरलाइनें अक्सर पुराने विमानों का खतरनाक उड़ान परिस्थितियों में परिचालन करती हैं.दिसंबर 2016 में सेना का एक विमान सोचि से उड़ान भरान भरने के बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। इसमें विमान में सवार सभी 92 लोगों की मौत हो गई थी. मार्च 2016 में फ्लाई दुबई विमान के सभी 62 यात्रियों की उस वक्त मौत हो गई थी जब यह खराब मौसम के चलते दुर्घटनाग्रस्त हो गया था।

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