सऊदी अरब के शाह सलमान ने नेशनल गार्ड की अगुवाई करने वाले एक प्रमुख शहजादे को बर्खास्त कर दिया और आर्थिक मामलों एवं नियोजन मंत्री को भी बदल दिया है। साथ ही उन्होंने नई भ्रष्टाचार रोधी समिति बनाने का भी ऐलान किया है। सऊदी अरब के अल अराबिया समाचार चैनल ने कल देर शाम यह खबर दी कि देश के शक्तिशाली वली अहद शहजादे (क्राउन प्रिंस) मोहम्मद बिन सलमान की अगुवाई में भ्रष्टाचार की नई जांच में 11 शहजादों और दर्जनों पूर्व मंत्रियों को हिरासत में लिया गया है।

मोहम्मद को नई समिति की निगरानी करने के लिए नामित किया गया है। अल अराबिया की खबर के मुताबिक, समिति वर्ष 2009 में जेद्दा में आई विनाशकारी बाढ़ की तहकीकात करने के अलावा, मिडिल ईस्ट रेस्पिरेटोरी सिंड्रोम (एमईआरएस) संक्रमण पर सऊदी सरकार की प्रतिक्रिया की भी जांच कर रही है। इस संक्रमण ने पिछले कुछ सालों में सैकड़ लोगों की जान ली है।

इस बीच, सऊदी अरब के उलेमा की शीर्ष परिषद ने एक बयान जारी कर कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ना इस्लामी फर्ज है। इतनी उच्च स्तरीय गिरफ्तारियों के लिए मजहबी नेताओं का समर्थन जरूरी है। सरकार ने कहा कि भ्रष्टाचार रोधी समिति को गिरफ्तारी वारंट जारी करने, यात्रा प्रतिबंध लगाने और बैंक खातों पर रोक लगाने के अधिकार हैं। यह समिति कोष का पता लगा सकती है, कोष के स्थानातंरण को रोक सकती है तथा अन्य एहतियाती उपाय कर सकती है जब तक कि मामलों को न्यायपालिका में न भेजा जाए।

सऊदी अरब के नागरिक लंबे अरसे से सरकार में भ्रष्टाचार और सथा में बैठे लोगों द्वारा कोष का दुरूपयोग किए जाने की शिकायत करते रहे हैं। 32 वर्षीय वली अहद शहजाहे मोहम्मद बड़ अंतरराष्ट्रीय निवेश लाने और कारोबार करने के लिए देश की छवि में सुधार की कोशिश में लगे हुए हैं। यह तेल राजस्व पर निर्भरता से अलग, अर्थव्यवस्था के अन्य रास्ते तैयार करने के व्यापक प्रयास का हिस्सा है। शाह ने शहजादे मुतैब बिन अब्दुल्लाह को नेशनल गार्ड के प्रमुख के पद से बर्खास्त किया है।

उनके स्थान पर शहजादे खालिद बिन अयाफ अल मुकरीन को नियुक्त किया गया है। उनके पास गार्ड में वरिष्ठ पद था। शहजादे मुतैब के पिता दिवंगत शाह अब्दुल्लाह हैं जिन्होंने नेशनल गार्ड का नेतृत्व किया था। उन्होंने ही नेशनल गार्ड को शक्तिशाली और प्रतिष्ठित बल में बदला था और इसे सत्ताधारी सऊदी परिवार और मक्का तथा मदीना में पवित्र स्थलों एवं तेल और गैस स्थलों की सुरक्षा का जिम्मा दिया। शहजादे मुतैब को तख्त का एक दावेदार माना जा रहा था।

नेशनल गार्ड के प्रमुख के तौर पर मुतैब की बर्खास्तगी को मौजूदा वली अहद शहजादे के एक प्रमुख प्रतिद्वंद्वी को किनारे लगाए जाने के तौर पर देखा जा रहा है। शहजादे मोहम्मद अपने पिता शाह सलमान के तीन साल पहले तख्तनशीं होने के बाद काफी ताकतवर बन गए हैं। यह घटनाक्रम शहजादे मोहम्मद बिन नायफ को उत्तराधिकारी और गृह मंत्री के पद से बर्खास्त करने के तीन महीने बाद हुआ है।

शाह ने आर्थिक एवं नियोजन मामलों के मंत्री अब्देल फकेह को भी बदल दिया है। उनके साथ स्थान पर उनके उप मोहम्मद अल तुवैजरी को नियुक्त किया है। सऊदी नेवल फोर्सेज़ के कमांडर पद से एडमिरल अब्दुल्लाह अल सुल्तान को भी बर्खास्त कर दिया गया है। उनके साथ पर एडमिरल फाहद बिन अब्दुल्लाह अल गिफैली को नियुक्त किया गया है।