पाकिस्तान की भ्रष्टाचार रोधी संस्था ने भ्रष्टाचार के एक और मामले में विपक्षी नेता एवं पीएमएल-एन प्रमुख शहबाज शरीफ को शनिवार को गिरफ्तार कर लिया। उनकी रिमांड की अवधि अब 24 नवंबर तक के लिए बढ़ा दी गई है। राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो (एनएबी) ने 14 अरब रूपये (पाकिस्तानी मुद्रा) के आशियाना ए इकबाल आवास परियोजना घोटाला के सिलसिले में नेशनल एसेंबली में विपक्षी नेता शहबाज शरीफ को पांच अक्टूबर को हिरासत में लिया था। वह अपदस्थ प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के छोटे भाई है।

शहबाज शरीफ को आशियाना घोटाला के सलिसिले में सुनवाई के लिए लाहौर में एक अदालत में पेश किया गया। ब्यूरो ने और 15 दिनों के लिए उनकी हिरासत बढ़ाए जाने का अनुरोध करते हुए अदालत को बताया कि उसने शहबाज को रमजान चीनी मिल मामले में भी गिरफ्तार किया था। ब्यूरो के अभियोजक वारिस अली जंजुआ ने कहा कि वह शाहबाज से उपयुक्त रूप से पूछताछ नहीं कर सका क्योंकि वह रिमांड की अवधि के दैरान नेशनल असेंबली के सत्र में शरीक हुए थे।

दलीलें सुनने के बाद अदालत ने शहबाज को ब्यूरो की हिरासत में 24 नवंबर तक के लिए भेज दिया। वहीं, अदालत परिसर के बाहर एकत्र पीएमएल – एन के कई कार्यकर्ताओं ने इमरान खान सरकार और ब्यूरो के खिलाफ नारेबाजी की। इस बीच, शहबाज के बेटे सलमान शहबाज शुक्रवार को लाहौर में एनएबी में सुनवाई में उपस्थित नहीं हुए क्योंकि वह लंदन रवाना हो गए।

ब्यूरो के मुताबिक दोनों भाइयों, हमजा और सलमान ने रमजान चीनी मिल का निदेशक रहते हुए सरकारी धन का इस्तेमाल करते हुए लाहौर से करीब 200 किमी दूर एक पुल का निर्माण कराया, ताकि मिल तक संपर्क स्थापित कर सकें। ब्यूरो के मुताबिक पंजाब के तत्कालीन मुख्यमंत्री शहबाज ने पुल के निर्माण के लिए 20 करोड़ रूपया मंजूर किया था।

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