भारत और चीन समेत 134 विकासशील देशों ने बॉन में चल रही संयुक्त राष्ट्र वार्ता के दौरान कहा कि अल्पकालिक जलवायु प्रतिबद्धताओं को पूरा करने में अमीर राष्ट्रों के विफल रहने से इस ऐतिहासिक संधि को अमलीजामा पहनाने में बाधा आ सकती है। इस राजनयिक विवाद ने 196 राष्ट्रों की वार्ता में आम सहमति पर पहुंचने में आ रही दिक्कतों को रेखांकित किया।

चीन के वरिष्ठ वार्ताकार चेन झीहुआ ने अमीर राष्ट्रों की वित्तीय मदद बढ़ाने और 2020 से पहले हरित गैसों के उत्सर्जन पर लगाम लगाने के लक्ष्यों के पुन: विचार की शपथ के संदर्भ में कहा, हम अगर पहले लिये गये फैसलों का सम्मान नहीं करेंगे तो हम संबंधित पक्षों के बीच विश्वास कैसे बना सकते हैं? उन्होंने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, और हम पेरिस समझौते को लागू करने के लिये कैसे एक अच्छी आधारशिला रख पायेंगे।