जिहाद और फतवा जारी करने का अधिकार सिर्फ सरकार को : अहसान इकबाल


पाकिस्तान के आंतरिक मंत्री अहसान इकबाल ने कहा है कि इस्लामी देश में जिहाद तथा फतवा जारी करने का अधिकार सिर्फ सरकार को है और किसी नागरिक को दूसरे नागरिक की हत्या के लिए फरमान जारी करने का अधिकार नहीं है। ‘द न्यूज इंटरनेशनल’ अखबार की आज रिपोर्ट के अनुसार मंत्री ने कहा है कि अन्य लोगों को गैर मुसलमान घोषित करते हुए सोशल मीडिया पर लिए फतवा जारी करने वालों के खिलाफ साइबर अपराध कानून के तहत मामला दर्ज करके मुकदमा चलाया जायेगा। उन्होंने कहा कि उलेमाओं को इस तरह के फतवों की निंदा करनी चाहिए।

इकबाल ने कल नेशनल असेंबली में कहा कि किसी भी व्यक्ति को धर्म के नाम पर राजनीति करने के लिए किसी को गैर मुसलमान घोषित करने और फतवा जारी करने का अधिकार नहीं है। धार्मिक भावनाओं पर राजनीति करना एक जघन्य अपराध है। उन्होंने कहा, ‘किसी भी सड़क छाप मौलवी को किसी को गैर-मुस्लिम घोषित करने का अधिकार नहीं है। इस तरह के फतवा से अराजकता फैल जाएगी।’ उन्होंने धार्मिक नेताओं से सोशल मीडिया पर फतवा जारी करने वालों की निंदा करने की भी अपील की है।

इकबाल ने कहा, ‘हमें ऐसी प्रवृत्तियों को खत्म करने की जरूरत जो देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए खतरा पैदा कर सकती हैं।’ मंत्री ने कहा कि न तो कोई भी हब्ब-ए-अल्लाह और हब्ब-ए-रसूल का फ्रैंचाइजी है और न ही फरमान जारी करने का ठेकेदार है। उन्होंने कहा, ‘हमें किसी से हब्ब-ए-अल्लाह और हब्ब-ए-रसूल का प्रमाण पत्र लेने की आवश्यकता नहीं है। किसी भी मौलवी को इस तरह का फरमान जारी करने का अधिकार नहीं है।’