दो भारतीय-अमेरिकी ‘ग्रेट इमिग्रेंट्स’ पुरस्कार से सम्मानित


न्यूयॉर्क : भारतीय मूल के अमेरिकी, अडोब के प्रमुख शांतनु नारायण और पूर्व अमेरिकी सर्जन जनरल विवेक मूर्ति का नाम उन 38 प्रवासियों की सूची में शुमार है जिन्हें देश के समाज, संस्कृति और अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने में उनके योगदान के लिए ‘ग्रेट इमिग्रेंट्स’ पुरस्कार से नवाजा जाएगा। नारायण और मूर्ति को चार जुलाई को अमेरिका के स्वतंत्रता दिवस के मौके पर प्रतिष्ठित ‘ग्रेट इमिग्रेंट्स’ वार्षिक पुरस्कार से नवाजा जाएगा।

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दोनों भारतीय-अमेरिकी ओबामा प्रशासन में सर्जन जनरल रह चुके हैं
मूर्ति (39) का जन्म ब्रिटेन में हुआ था और वह हार्वड और येल के पूर्व छात्र हैं। पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने वर्ष 2014 में उन्हें देश का सर्जन जनरल नियुक्त किया था और यह पद पाने वाले वह पहले भारतीय अमेरिकी थे। नारायण देश के सबसे युवा सर्जन जनरल बने । हालांकि इस साल अप्रैल में ट्रंप प्रशासन ने उन्हें बर्खास्त कर दिया था। नारायण (54) मूल रूप से हैदराबाद के हैं। उन्होंने अपना एमबीए यूसी बर्कले से किया है।

मोदी की अमेरिका यात्रा के दौरान सीईओ की बैठक में नारायण भी थे शामिल
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया अमेरिका यात्रा के दौरान उन्होंने जिन सीईओ ने उनसे मुलाकात की थी उनमें नारायण भी शामिल थे। मूर्ति और नारायण के अलावा कनाडाई मूल के उद्यमी जेफ स्कॉल, पेपाल के संस्थापक मैक्स लेवशिन और ईरानी मूल के सामाजिक कार्यकर्ता तथा उद्यमी हुशांग अंसारी को भी ‘ग्रेट इमिग्रेंट्स’ पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा।

कार्नेगी कॉरपोरेशन ऑफ न्यूयॉर्क के अध्यक्ष वर्टन जोरिजयन ने कहा,  ” ‘ग्रेट इमिग्रेंट्स’ को हमारा वार्षिक सलाम प्रतिभा, कौशल और उपलब्धि की समृद्धि दर्शाता है जो दुनियाभर से प्रवासी अमेरिकी समाज में लाते हैं। “