सीनेट की मंजूरी के साथ ही भारत में अमेरिकी राजदूत के रूप में केनेथ जस्टर की नियुक्ति पक्की हो गयी है। वह जल्दी ही अपना कार्यभार संभालने के लिए भारत पहुंचेंगे। भारत के साथ जस्टर के संबंध काफी पुराने हैं और उन्होंने भारत-अमेरिका असैन्य परमाणु समझौते में महत्वूपर्ण भूमिका निभाई थी। वह भारत में शीर्ष अमेरिकी राजनयिक के रूप में रिचर्ड वर्मा की जगह लेंगे।

अमेरिका के 45वें राष्ट्रपति के रूप में डोनाल्ड ट्रंप के शपथ ग्रहण के बाद 20 जनवरी को वर्मा ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। तभी से भारत में अमेरिकी राजदूत का पद रिक्त था। जस्टर के नाम को ध्वनिमत से मंजूरी मिलना दिखाता है कि इस पद के लिए संसद में उन्हें दोनों दलों का समर्थन प्राप्त है। इस पद के लिए जस्टर के नाम को सीनेट की विदेश मामलों की समिति ने पिछले शुक्रवार को मंजूरी दी थी।

जस्टर जल्दी ही हैदराबाद में होने वाले ग्लोबल एंटरपेन्योरशिप सम्मिट में भाग लेने के लिए भारत रवाना होंगे। इस वार्षिक सम्मेलन का आयोजन भारत और अमेरिका संयुक्त रूप से कर रहे हैं। सम्मेलन में ट्रंप की वरिष्ठ सलाहकार व बेटी इवांका ट्रंप अमेरिकी उद्योगपतियों के शिष्टमंडल का नेतृत्व करेंगी। इस सम्मेलन का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी करेंगे। डेमोक्रेटिक पार्टी के सीनेटर मार्क वार्नर ने जस्टर की नियुक्ति का स्वागत किया है। भारत में अमेरिकी राजदूत के रूप में जस्टर का नाम पांच सितंबर को प्रस्तावित किया गया था। उन्होंने विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर अपनी सेवाएं दी हैं।