BREAKING NEWS

19 साल में मारे गए 22 हजार आतंकी, 370 हटने के बाद भी जारी है घुसपैठ◾शाह की हरी झंडी के बाद होगा कर्नाटक कैबिनेट का विस्तार : मुख्यमंत्री ◾हैदराबाद एनकाउंटर : पुलिस ने दुष्कर्म आरोपियों के एनकाउंटर की रिपोर्ट एनएचआरसी को सौंपी◾TOP 20 NEWS 10 December : आज की 20 सबसे बड़ी खबरें◾उन्नाव रेप मामला : पूर्व बीजेपी विधायक कुलदीप सेंगर पर 16 दिसंबर को कोर्ट सुनाएगा फैसला◾सीएबी बिल पर उद्धव ठाकरे बोले- जब तक कुछ बातें स्पष्ट नहीं होतीं, हम नहीं करेंगे समर्थन◾दिल्ली से लेकर असम तक CAB के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन, मालीगांव में सुरक्षाबलों से भिड़े लोग◾नागरिकता विधेयक का समर्थन करना भारत की बुनियाद को नष्ट करने का प्रयास होगा : राहुल गांधी◾दिल्ली हाई कोर्ट ने अरविंद केजरीवाल के खिलाफ आपराधिक मानहानि मामले की सुनवाई पर लगाई रोक◾लोकसभा में बोले शाह- J&K में हिरासत में लिए गए नेताओं को छोड़ने का निर्णय स्थानीय प्रशासन लेगा◾पीएमओ में सत्ता का केंद्रीकरण अर्थव्यवस्था के लिए अच्छा नहीं : शिवसेना◾दिल्ली : किराड़ी इलाके के गोदाम में लगी आग, मौके पर पहुंची 8 दमकल की गाड़ियां◾'असंवैधानिक' नागरिकता विधेयक पर लड़ाई सुप्रीम कोर्ट में होगी : चिदंबरम◾हरियाणा : होमवर्क पूरा न करने पर दलित लड़की का मुंह काला कर स्कूल में घुमाया गया ◾नागरिकता संशोधन विधेयक को JDU के समर्थन से प्रशांत किशोर निराश◾अनुच्छेद 370 को खत्म किये जाने के खिलाफ याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट आज से करेगा सुनवाई ◾PM मोदी ने की शाह की तारीफ, बोले- नागरिकता विधेयक समावेश करने की भारत की सदियों पुरानी प्रकृति के अनुरूप◾नागरिकता संशोधन विधेयक के विरोध में आज छात्र संगठनों की तरफ से पूर्वात्तर भारत में बंद ◾लोकसभा में नागरिकता संशोधन विधेयक पारित, पक्ष में पड़े 311 वोट, विपक्ष में 80◾जब तक मोदी प्रधानमंत्री हैं, किसी भी धर्म के लोगों को डरने की जरूरत नहीं : शाह ◾

बिहार

बिहार में बाढ़ के बाद अब सता रहा बीमारी का डर

 bihar flood

बिहार के 13 जिलों में पानी का कहर बरपाने के बाद राज्य की प्रमुख नदियों का जलस्तर घटने लगा है। लोग अपने उजड़े गांव-घर की ओर लौटने लगे हैं। कई गांवों के बाढ़ पीड़ित हालांकि अभी भी राहत शिविरों में सामुदायिक रसोई के सहारे दिन गुजारने को विवश हैं। 

बाढ़ प्रभावित इलाकों से पानी निकल जाने के बाद अब लोगों को बीमारियों का डर सताने लगा है। चिकित्सकों का भी मानना है कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में बीमारियों की आशंका बनी रहती है। स्वास्थ्य विभाग और आपदा प्रबंधन विभाग बीमारियों के प्रकोप से निपटने की तैयारी में जुट गए हैं। 

पटना के नालंदा मेडिकल कॉलेज अस्पताल (एनएमसीएच) के चिकित्सक डॉ. सुधीर कुमार ने कहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पानी उतरने के बाद बीमारियों की आशंका बनी रहती है। बाढ़ग्रस्त इलाकों में सफाई व स्वच्छता के अभाव में हैजा, दस्त फैलने और विभिन्न संक्रामक रोगों के फैलने की संभावना बढ़ जाती है। इस समय स्वच्छ, उबला हुआ पानी पीकर बीमार होने से बचा जा सकता है। 

उन्होंने कहा, "बाढ़ से उबरे क्षेत्रों में गैस्ट्रोइंट्रोटाइटिस, मलेरिया, टाइफाइड, डायरिया, नेत्र और चर्मरोग जैसी समस्याएं देखने को मिल सकती हैं।" पटना के जाने माने चर्मरोग विशेषज्ञ डॉ. रवि विक्रम सिंह ने कहा कि बाढ़ के दौरान गंदले पानी में बैक्टीरिया पैदा होते हैं, जिस कारण लोगों को कई प्रकार के त्वचा रोग हो जाते हैं। 

उन्होंने पानी को उबालकर पीने की सलाह दी है और कहा कि लोग शरीर में आवश्यक खनिज आपूर्ति के लिए नारियल पानी या स्वच्छ पानी का उपयोग कर सकते हैं। उन्होंने कहा, "कई स्थानों पर लोग भूजल पर निर्भर होते हैं, वे जीवाणु संक्रमण से छुटकारा पाने के लिए पानी में क्लोरीन मिला सकते हैं।" 

राज्य के कई क्षेत्रों से बाढ़ का पानी निकल गया है, जबकि कई क्षेत्रों से पानी का धीरे-धीरे निकलना जारी है। कई क्षेत्रों में सड़क ही शौचालय बन चुके हैं, जिससे बीमारियों के फैलने का खतरा बढ़ गया है। बाढ़ प्रभावित कई गांव ऐसे हैं, जहां लोगों को अभी भी दूषित पानी व कीचड़ से होकर घर तक जाना पड़ता है। 

राज्य स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी का दावा है कि राज्य के बाढ़ प्रभावित इलाकों के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में ब्लीचिंग पाउडर, बैमेक्सिन, चूना और जरूरी दवाएं स्टॉक की गई हैं। आपदा प्रबंधन विभाग के मंत्री लक्ष्मेश्वर राय कहते हैं कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में चिकित्सा दलों को तैनात रखा गया है। 

इसके अलावा पशु शिविरों की भी स्थापना की गई है। उन्होंने कहा कि बाढ़ का पानी उतरने के बाद यदि किसी गांव में बीमारी से अधिक लोग पीड़ित हो रहे हैं, तो तत्काल इसकी सूचना सिविल सर्जन को देने की अपील की गई है, ताकि चिकित्सकों की टीम वहां समय पर भेजी जा सके। 

हाल में आई बाढ़ से राज्य के 13 जिलों- शिवहर, सीतामढ़ी, मुजफ्फरपुर, पूर्वी चंपारण, मधुबनी, दरभंगा, सहरसा, सुपौल, किशनगंज, अररिया, पूर्णिया, कटिहार और पश्चिमी चंपारण जिले प्रभवित हैं। बाढ़ से अब तक 130 लोगों की मौत हो चुकी है और लगभग 88 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित हुए हैं।