BREAKING NEWS

इंडोनेशिया के ऐलान से भारत को राहत, जल्द ही कम हो सकते हैं खाने के तेल के दाम◾DU को संबोधित करते हुए शाह ने कहा: नहीं होनी चाहिए राजनीतिक लड़ाई, जिक्र किया- रक्षा नीति का.... ◾Gyanvapi Survey: वाराणसी अदालत में 23 मई को होगी अगली सुनवाई, दर्ज की जा चुकी है सर्वे रिपोर्ट ◾ अमित शाह से मिले CM भगवंत मान, PAK से ड्रोन घुसपैठ को लेकर MHA से की ये बड़ी मांग◾1988 रोड रेज केस : एक साल की सजा पर बोले सिद्धू-कानून का सम्मान करूंगा◾Delhi High Court ने लगाई घर-घर राशन योजना पर रोक, कहा: दिल्ली सरकार नहीं कर सकती केंद्र के राशन का इस्तेमाल ◾'कुछ नेता ही कांग्रेस के राष्ट्रीय नेतृत्व को कर रहे हैं गुमराह', इस्तीफे के बाद बोले हार्दिक◾जिसका शिवपाल को था इंतजार.. वो घड़ी आ गई! आजम की जमानत का चाचा-भतीजे पर कैसा होगा असर? ◾SC से रिहाई के बाद फिर जेल जा सकते हैं आजम खान, जानिए किस मामले में फंस सकते हैं SP नेता ◾Delhi News: राजधानी फिर हुई धुआं-धुंआ! मुस्तफाबाद की फैक्ट्री में लगी भीषण आग, दमकल की गाड़ियां मौके पर मौजूद◾नवजोत सिंह सिद्धू को SC से मिला बड़ा झटका, 34 वर्ष पुराने रोडरेज मामले में मिली एक वर्ष की सजा ◾कांग्रेस का हाथ छोड़ हार्दिक पटेल खोल रहे पार्टी की पोल.. BJP में शामिल होने पर कही यह बात ◾ कांग्रेस का छूटा हाथ अब बीजेपी के साथ! वरिष्ठ नेता सुनील जाखड़ ने थामा भाजपा का दामन◾दिल्ली : बवाना की थिनर फैक्ट्री में भीषण आग से हड़कंप, 17 फायर टेंडर मौके पर मौजूद◾परिवारिक पार्टियों का उद्देश्य सिर्फ सत्ता पाना, 'भाई-बहन' की पार्टी बनकर रह गई है कांग्रेस : नड्डा ◾टेरर फंडिंग मामले में यासीन मलिक दोषी करार, इस तारीख को सुनाई जाएगी सजा◾ कृष्ण जन्मभूमि-ईदगाह विवाद पर बड़ी खबर : मथुरा की सिविल कोर्ट में होगी सुनवाई, पुलिस हुई अलर्ट ◾औरंगजेब के मकबरे पर लगा ताला..., महाराष्ट्र में बढ़ती हलचल के बीच ASI का फैसला, जानें पूरा मामला ◾दिल्ली : अनिल बैजल के बाद कौन होगा LG पद का दावेदार? इन चार नामों पर चर्चा◾'पत्थर, लाल झंडा और दो पीपल के पेड़...बन गया मंदिर', अखिलेश के बयान पर भड़की BJP◾

बिहार: जहरीली शराब से लोगों की मौत होने पर गाज सिर्फ छोटे अधिकारियों तक ही सीमित क्यों?

बिहार की नीतीश सरकार ने पूरे प्रदेश में शराब पीने और उसकी बिक्री करने पर प्रतिबंध लगा रखा है, लेकिन इसके बावजूद बिहार में न केवल शराब पी जा रही है, बल्कि शराब के नाम पर लोगों को जहर भी दिया जा रहा है। पिछले एक पखवारे में पर्व और त्योहार के इस मौसम में कथित तौर पर जहरीली शराब पीने से 30 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई है। यह आंकडा अभी और बडा हो सकता है। इन मामलों में संबंधित थाना प्रभारियों और चौकीदारों को निलंबित कर दिया गया है। 

शराबबंदी को लेकर पुलिस या सरकार कोई कोताही बरत रही

ऐसा नहीं की राज्य में शराबबंदी को लेकर पुलिस या सरकार कोई कोताही बरत रही हो। प्रतिदिन कहीं न कहीं से शराब बरामदगी की खबरे आती है। ऐसे में जब ऐसी बड़ी घटना घटती है कि इसकी गाज छोटे अधिकारियों और पुलिसकर्मियों पर ही गिरती है। अब सवाल उठ रहा है कि अगर छोटे अधिकारी इसके लिए जिम्मेदार हो सकते हैं तो फिर वड़े अधिकारियों को क्लीनचिट कैसे दी जा सकती है?

बिहार के गोपालगंज जिले के महम्मदपुर थाना क्षेत्र में कथित तौर जहरीली शराब पीने से सरकारी आंकडों के मुताबिक कम से कम 11 लोगों की मौत हो चुकी है। इस मामले में पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने महम्मदपुर थाना प्रभारी शशि रंजन कुमार और चौकीदार रंजीत राय को निलंबित कर दिया।

एक के बाद दूसरा मामला

अभी गोपालगंज में जहरीली शराब से लोगों की मौत होने का सिलसिला थमा ही नहीं था कि पश्चिम चंपारण में भी जहरीली शराब का तांडव प्रारंभ हुआ है और नौतन थाना क्षेत्र में कम से कम 14 लोगों की कथित जहरीली शराब पीने से मौत हो गई। 

छठ पूजा के बाद शराबबंदी की समीक्षा की जाएगी

इन घटनाओं के बाद बिहार सरकार भी सजग हुई और आनन-फानन में पटना में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि छठ पूजा के बाद शराबबंदी की समीक्षा की जाएगी। इधर, पश्चिम चंपारण के नौतन थाना प्रभारी मनीष कुमार चौकीदार को निलंबित कर दिया गया।

BJP की अहम बैठक में दिखा छठ पूजा का रंग, PM मोदी ने शुभकामनाएं देकर कुछ इस तरह जीता जनता का दिल

इससे पूर्व 28 अक्टूबर को मुजफुरपुर के सरैया में भी कथित तौर पर जहरीली शराब पीने से कम से कम सात लोगों की मौत मामले में भी थाना प्रभारी रविंद्र यादव और प्रभारी थाना प्रभारी मोहम्मद कलामुद्दीन पर गाज गिरी और इन्हें निलंबित कर दिया गया। अब कहा जा रहा है कि आखिरए इन छोटे अधिकारियों और पुलिसकर्मियों को बलि का बकरा बनाकर सरकार इस शराबबंदी को लेकर क्या संदेश देना चाहती है।

छोटे अधिकारियों और पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की गई

ऐसा नहीं कि शराबबंदी के बाद केवल इसी पखवारे ऐसे मामले हैं। इससे पहले भी पश्चिम चंपारण और गोपालगंज जिले में ही ऐसे मामले सामने आ चुके हैे। उसमें भी कार्रवाई के नाम पर छोटे अधिकारियों और पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की गई थी। बिहार कांग्रेस के मीडिया विभाग के चेयरमैन राजेश राठौड़ कहते हैं कि न मौतों के जिम्मेदार केवल चौकीदार और थानेदार ही कैसे हो सकते हैं जबकि सरकार अपनी हठधर्मिता में बराबर दोषी है।

उन्होंने कहा कि सरकार भी इस मामले में दोषी है केवल पुलिस के अधिकारियों को निलंबित करके सरकार अपनी जिम्मेदारियों से भाग नहीं सकती। इधर, बिहार के मद्य निषेध मंत्री सुनील कुमार कहते हैं कि फिलहाल जहरीली शराब से मौत की आशंका है। बिसरा रिपोर्ट जांच के बाद पुष्टि की जाएगी। उन्होंने कहा कि कानून का उल्लंघन करने का परिणाम अच्छा नहीं होता है। उन्होंने कहा कि अभियान चलाकर दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।