बिहार विधानसभा चुनाव में अब तक एक करोड़ वोटों की गिनती हो चुकी है। जबकि चार करोड़ दस लाख वोट पड़े हैं। इस प्रकार तीन करोड़ दस लाख वोटों की गिनती होनी बाकी है। चुनाव आयोग का कहना है कि मतगणना के आखिरी नतीजे आने में देर रात हो सकती है। कई सेंटर पर 51 राउंड तक मतगणना चलेगी।
डिप्टी इलेक्शन कमिश्नर सुदीप जैन, चंद्रभूषण कुमार और आशीष कुंद्रा ने दोपहर डेढ़ बजे संयुक्त रूप से प्रेस कांफ्रेंस कर बिहार चुनाव में धीमी गति से मतगणना के आरोपों को खारिज कर दिया। चुनाव आयोग ने कहा कि कोरोना के कारण इस बार 63 प्रतिशत बूथों की संख्या बढ़ाई गई थी। जिससे अधिक ईवीएम की काउंटिग होनी है। इस नाते मतगणना में अधिक समय लगेगा।
आयोग के मुताबिक, 2015 के विधानसभा चुनाव में 65 हजार बूथ थे, इस बार एक लाख 26 हजार बूथ बने। ऐसे में मतगणना में अधिक समय लग रहा है। चुनाव आयोग ने बताया कि पोस्टल बैलेट में पिछली बार की तुलना में इजाफा हुआ है। इस बार बिहार चुनाव में 63 प्रतिशत से अधिक मतदान केंद्र बनाए गए थे क्योंकि हर केंद्र पर एक से 1500 तक मतदाता ही वोट डाल सकते थे। उन्होंने बताया कि वर्ष 2015 में 65 हजार मतदान केंद्र थे जबकि इस बार एक लाख छह हजार मतदान केंद्र बने थे।
उन्होंने यह भी बताया कि मतगणना न्यूनतम 19 राउंड में होती है और अधिकतम 51 राउंड में। वैसे औसतन 35 राउंड में मतों की गिनती होती है। अभी तक एक करोड़ से अधिक मतों की गिनती हो चुकी और देर रात तक सारे नतीजे आ जाएंगे। चुनाव आयोग ने यह भी बताया कि मतगणना 55 स्थानों पर चल रही है। पिछली बार 38 स्थानों पर हुई थी। उन्होंने कहा कि मतगणना को लेकर अभी तक कोई शिकायत या समस्या नहीं आई है। मतों की गिनती सुचारू रूप से हो रही है। कहीं से भी कोई व्यवधान की बात सामने नहीं आयी है।


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