BREAKING NEWS

पंजाब सीएम चरणजीत सिंह चन्नी ने आप नेता के अवैध खनन के आरोप को किया खारिज◾UP: बुलंदशहर में RLD नेता काफिले पर अंधाधुंध फायरिंग हुई, चार घायल समेत एक की मौत◾महाराष्ट्र के बाद अब राजस्थान में ओमीक्रॉन ने दी दस्तक, 9 केस मिलने से राज्य मे मचा हड़कंप◾महाराष्ट्र में ओमिक्रॉन के 8 और नए मामले आए सामने, देश में अब तक 13 लोग हो चुके संक्रमित◾ व्यापारियों ने मन बनाया है तो भाजपा का जाना और सपा का आना तय: अखिलेश यादव ◾विशेष राज्य का दर्जा बहाल कराने के लिए हमें भी किसानों की तरह देना होगा बलिदान: फारूक अब्दुल्ला ◾निकम्मी और भ्रष्टाचारी गहलोत सरकार को उखाड़ फेंकिए, भाजपा की सरकार बनवाइएः अमित शाह◾भगवंत मान का दावा, बोले- BJP के वरिष्ठ नेता ने पार्टी में शामिल होने के लिए केंद्रीय मंत्री पद की पेशकश की◾ममता बनर्जी ने नागालैंड में गोलीबारी की घटना की विस्तृत जांच कराने की मांग की, कहा- सभी पीड़ितों को मिले न्याय ◾राज्यसभा से निलंबन के बाद शिवसेना सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने संसद के कार्यक्रम पद से दिया इस्तीफा◾दिल्ली: सिद्धू का केजरीवाल को 'जैसे को तैसा'! गेस्ट टीचरों के प्रदर्शन में शामिल होकर 'AAP' पर साधा तीखा निशाना ◾क्या कांग्रेस मुक्त विपक्ष बना पाएंगी ममता बनर्जी? शिवसेना ने TMC के मंसूबों को बताया घातक, कही ये बात ◾ओमीक्रोन के मद्देनजर भारत समेत अन्य देशों से आने वाले यात्रियों को US में एंट्री के लिए दिखानी होगी नेगेटिव रिपोर्ट◾लखनऊ लाठीचार्ज पर राहुल का ट्वीट, 'BJP वोट मागंने आए तो याद रखना'◾नागालैंड फायरिंग: सेना ने दिया ‘कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी’ का आदेश, जानिए क्या है पूरा घटनाक्रम ◾'PAK के साथ व्यापार संबंधी कोई भी बातचीत करना बेकार और व्यर्थ' सिद्धू के बयान पर मनीष तिवारी का जवाब◾दिल्ली में 'ओमीक्रॉन' वेरिएंट ने दी दस्तक, तंजानिया से आए यात्री में हुई पहले मामले की पुष्टि, LNJP में भर्ती ◾देश में जारी है कोरोना महामारी का कहर, पिछले 24 घंटे में संक्रमण के 8 हजार से अधिक नए केस की पुष्टि ◾सियालकोट लिंचिंग: पाकिस्तान की क्रूरता ने लांघी सीमा, मारे गए श्रीलंकाई ने 'गलतफहमी के लिए मांगी थी माफी' ◾BSF स्थापना दिवस : अमित शाह बोले-हमारी सीमा और जवानों को कोई हल्के में नहीं ले सकता◾

बिहार में बाढ बनी लोगों के लिए मुसीबत, पानी में डूबे श्मसान घाट, कई गांव हुए जलमग्न

बिहार में बाढ़ के पानी ने आम लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। लोग अपने प्रियजनों की मौत के बाद भी लोग शव का अंतिम संस्कार सुकून के साथ नहीं कर पा रहे हैं। बाढ़ प्रभावित मुजफ्फरपुर जिले के शहर और कई ग्रामीण क्षेत्रों में श्मसान घाट भी बाढ़ के पानी में डूब गए हैं, जिससे अंतिम संस्कार में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

मुजफ्फरपुर में बूढी गंडक और गंडक नदी के जलस्तर बढ़ने से कई गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। नदी का जलस्तर बढ़ने से जिले के शहरी क्षेत्र में स्थित श्मसान घाट पर भी मुश्किलें बढ़ गई है। पहले यहां अंतिम संस्कार करने का सारा सामान आसानी से उपलब्ध हो जाता था। नदियों के जलस्तर बढ़ने के कारण अंतिम संस्कार के लिए लकड़ियों और अन्य सामानों की दुकानें भी जलमग्न है। मुसहरी के सिकंदरपुर घाट मुक्ति धाम पूरी तरह जलमग्न है। नदी किनारे रखें लकड़ी के दुकानों में भी पानी भर गया है जिससे यहां अंतिम संस्कार के लिए आने वालों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पर रहा है।

स्थानीय लकड़ी के दुकानदार सोहन सहनी ने बताया, "पहले बड़ी मात्रा में लकड़ी स्टॉक रख लेते थे और यहां जो अंतिम संस्कार के लिए आते थे वे खरीद लेते थे। हल्की बारिश में लकडियों को ढंक कर भी रखते थे, लेकिन अब क्या करें, पूरे क्षेत्र में बाढ का पानी भर गया है। ऐसे में लकड़ी के ढंक कर रखने का भी फायदा नही है।" उन्होंने बताया कि भींगा हुआ लकडी लोग लेना नही चाहते हैं, उन्हें जलाने में कठिनाई होती है। दूसरी ओर अंतिम संस्कार में जरूरी अन्य सामानों के दुकानदार रोहित बताते है कि दुकान के अंदर बाढ़ का पानी घुस गया है। दुकान में चौकी, मेज और ईंट रखकर सामान रखे हुए हैं।

उन्होंने कहा कि अंतिम संस्कार करने आने वाले लोगों को किसी तरह सामान उपलब्ध करा देते हैं। उन्होंने कहा कि सबसे बड़ी परेशानी जो शव के अंतिम संस्कार की है। उन्होंने आशंका जताते हुए कहा कि नदी में कहीं और पानी बढ़ा तो परेशानी और बढ़ सकती है। मुजफ्फरपुर नगर निगम के मेयर सुरेश कुमार ने भी मुक्तिधाम श्मसान घाट का निरीक्षण कर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि नदी के जलस्तर में वृद्धि हुई है, जिससे थोड़ी मुश्किलें बढ़ गई है।

उन्होंने कहा, "मुक्तिधाम के प्रभारी को उंचे स्थानों पर अंतिम संस्कार करवाने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे अंतिम संस्कार करने आने वाले लोगों को परेशानी कम हो। बाढ़ किसी के वश में नहीं है, जिसे रोका जाए।" इधर, अहियापुर के संगम घाट के अलावे चंदवार घाट, रेवाघाट श्मसानस्थल भी पानी में डूब गया है। इस बीच, बाढ प्रभावित पूर्वी चंपारण के सदर प्रखंड के बरनवा घाट श्मसानस्थल भी बाढ के पानी में डूब गया है। गांव के लोग अब उंचे स्थान, खेत में ही शव के अंतिम संस्कार करने को विवश हैं।

देशभर में कोरोना से मिल रही है राहत, पिछले 24 घंटे 37154 नए मामलों की पुष्टि