BREAKING NEWS

Today's Corona Update : एक दिन 20 हजार से भी कम नए केस, 179 मरीजों की मौत◾भारत-PAK के बीच आतंकवाद पर हुई तीखी बहस के बावजूद UN महासचिव को वार्ता की उम्मीद, कही यह बात ◾दुनियाभर में कोरोना मामलों का आंकड़ा 23.2 करोड़ के पार, संक्रमण से 47.5 लाख से अधिक लोगों ने गंवाई जान ◾दिल्ली उच्च न्यायालय ने कालकाजी मंदिर से अतिक्रमण व अनधिकृत कब्जा हटाने का आदेश दिया◾योगी सरकार के नए मंत्रियों के विभागों का हुआ बंटवारा, जितिन को मिली प्राविधिक शिक्षा की जिम्मेदारी◾उत्तर प्रदेश : मुख्यमंत्री ने नवनियुक्त मंत्रियों को बांटे विभाग◾DRDO को मिली सफलता ‘आकाश प्राइम’ मिसाइल का किया सफल परीक्षण◾BSP के राष्ट्रीय महासचिव कुशवाहा ने की अखिलेश से मुलाकात, UP चुनाव से पहले थाम सकते है SP का दामन◾UNGA की आम चर्चा को संबोधित नहीं करेंगे अफगानिस्तान और म्यामां: संयुक्त राष्ट्र ◾वित्तीय संकट के चलते अभिभावकों का CBSE को लिखा पत्र, तीन लाख छात्रों की फीस माफ करने की मांग ◾भवानीपुर में दिलीप घोष से धक्का-मुक्की पर चुनाव आयोग सख्त, ममता सरकार से रिपोर्ट मांगी ◾भारत बंद के आह्वान को अभूतपूर्व और ऐतिहासिक प्रतिक्रिया मिली : संयुक्त किसान मोर्चा ◾गरीबों को किराया देने की घोषणा पर केजरीवाल सरकार का यू-टर्न, HC में कहा - वादा नहीं किया था ◾खत्म हुआ किसानों का भारत बंद, 10 घंटे बाद खुले दिल्ली-एनसीआर के सभी बॉर्डर ◾महंत नरेंद्र गिरि मौत मामला : 7 दिन की सीबीआई रिमांड में भेजे गए आनंद गिरी व दो अन्य ◾महिलाओं के बाद अब पुरुषों के लिए तालिबान का फरमान- दाढ़ी बनाना और ट्रिम करना गुनाह, लगाई रोक ◾नए संसद भवन का दौरा करने पर कांग्रेस ने मोदी को घेरा, कहा- काश! PM कोरोना की दूसरी लहर के दौरान किसी अस्पताल जाते ◾भवानीपुर उपचुनाव प्रचार के आखिरी दिन लहराईं बंदूकें, BJP का आरोप- TMC ने दिलीप घोष पर किया हमला ◾किसानों के 'भारत बंद' को लेकर देश में दिखी मिलीजुली प्रतिक्रिया, जानिए किन हिस्सों में जनजीवन हुआ बाधित ◾CM बिप्लब देब का विवादित बयान, बोले- अदालत की अवमानना से न डरें अधिकारी, पुलिस मेरे नियंत्रण में है◾

LJP प्रमुख चिराग के लिए NDA से अलग होकर चुनाव लड़ना पड़ गया भारी, टूटने की कगार पर पहुंची पार्टी

लोकजनशक्ति पार्टी (लोजपा) के अध्यक्ष चिराग पासवान को राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) से अलग हटकर बिहार विधानसभा चुनाव लड़ना भारी पड़ गया। 

चिराग पासवान को नेता मानने से इंकार

सूत्रों का दावा है कि लोजपा में इस मुद्दे को लेकर इस कदर आंतरिक नाराजगी उभर आई है कि छह में से पांच सांसद अलग गुट बना चुके हैं। हालांकि इस मसले पर अब तक कोई भी अधिकारिक रूप से बयान नहीं दे रहा है। सूत्रों का कहना है कि पार्टी में छह लोकसभा सदस्यों में से पांच ने चिराग पासवान को नेता मानने से इंकार करते हुए उनके चाचा पशुपति कुमार पारस के साथ खडे हो गए है। सूत्रों ने बताया कि असंतुष्ट सांसदों में प्रिंस राज, चंदन सिंह, वीणा देवी और महबूब अली कैसर शामिल हैं, जो चिराग के काम करने के तरीके से नाखुश हैं। 

लोजपा टूटने के कगार पर, जदयू ने आग में डाला घी

इस बीच लोजपा के अंधिकांश नेता दिल्ली पहुंच गए हैं या पहुंचने वाले हैं। इस संबंध में जब लोजपा के कार्यकारी अध्यक्ष राजू तिवारी से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं। इधर, कहा जा रहा है लोजपा के नेता अध्यक्ष चिराग से नाराज थे जिसमें जदयू के नेता ने आग में घी डालने का काम किया और लोजपा टूटने के कगार पर पहुंच गया है।बिहार विधानसभा चुनाव 2020 में चिराग पासवान ने नीतीश कुमार के खिलाफ सरेआम मोर्चा खोला था। चुनाव में लोजपा एक सीट पर जीत दर्ज कर सकी थी, लेकिन एकमात्र विधायक राजकुमार सिंह भी जदयू का दामन थाम लिया है।  हाल में ही पहली टूट तब हुइ थी जब बिहार विधान परिषद में लोजपा की एकमात्र विधान पार्षद नूतन सिंह भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गई थीं। 

अकुशल नेतृत्व का परिणाम है पार्टी में टूट

लोजपा के प्रमुख चिराग पासवान चुनाव के पूर्व से ही मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के उपर निशाना साधते रहे हैं। नीतीश कुमार ने इसपर कभी भी खुलकर प्रतिक्रिया नहीं दी। सूत्रों का दावा है कि जदयू सामने से कभी भी हमलवार नहीं हुई, लेकिन लोजपा पर लगातार निगाह बनाए रखी। सूत्रों का कहना है कि पटना में दो दिन पहले जदयू सांसद ललन सिंह से पशुपति कुमार पारस की मुलाकात भी हुई थी। कहा जा रहा है कि पारस जदयू और भाजपा के नेताओं के साथ संपर्क में थे। जदयू के प्रधान महासचिव के सी त्यागी कहते हैं कि यह अकुशल नेतृत्व का परिणाम है कि पार्टी में टूट हो रही है। उन्होंने कहा कि चिराग से उनकी कोई व्यक्तिगत परेशानी नहीं है, लेकिन वे राजग को ही कमजोर करने में लगे थे। ये राजद के स्क्रिप्ट पर काम कर रहे थे, जिससे उनके दल में ही असंतोष उभरा है। 

पार्टी के साथ - साथ परिवार में भी टूट, भतीजे के खिलाफ चाचा

चिराग के इस रवैये से पशुपति पारस समेत अन्य नेता भी नाखुश थे। कहा जा रहा है लोजपा के नेता कभी नहीं चाहते थे कि लोजपा राजग से अलग होकर चुनाव लड़े लेकिन चिराग ने यह फैसला लिया। इसके बाद से ही पार्टी में नाराजगी प्रारंभ हो गई थी, उसके बाद यह नाराजगी बढ़ती चली गई। वैसे, यह भी हकीकत है कि पूर्व केंद्रीय मंत्री और लोजपा के संस्थापक रामविलास पासवान की मृत्यु के बाद लोजपा कभी सक्रिय नहीं हुई। बहरहाल, लोजपा में टूट की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन इतना तय है कि चिराग का राजग से अलग हटकर विधानसभा चुनाव लड़ना गलत निर्णय साबित हुआ, जिससे पार्टी अूट के कगार पर पहुंच गई। अब देखना हेागा पार्टी में ही टूट होती है या परिवार में भी टूट होती है।