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करण जौहर ने टाइटल पर हुए विवाद को लेकर मधुर भंडारकर से मांगी माफ़ी, मधुर ने किया माफ़

करण जौहर और मधुर भंडारकर के बीच नेटफ्लिक्स की सीरीज़ के टाइटल को लेकर विवाद चल रहा था। अब करण जौहर ने इस लड़ाई को खत्म करने की शुरुआत की है। दरअसल नेटफ्लिक्स की सीरीज़ फेबुलस लाइव्स ऑफ़ बॉलीवुड वाइव्स के टाइटल को लेकर करण ने मधुर से माफ़ी मांगी, जिसका मधुर ने करारा जवाब दिया। हालांकि, करण की माफ़ी को स्वीकार करते हुए मधुर ने टाइटल विवाद ख़त्म कर दिया। 

बता दें, मधुर भंडारकर ने सोशल मीडिया के ज़रिए खुलासा किया था कि करण ने अपनी सीरीज़ के लिए उनका टाइटल बॉलीवुड वाइव्स का ग़लत ढंग से इस्तेमाल किया है। करण ने मधुर से ये टाइटल मांगा था, मगर मधुर ने मना कर दिया तो उन्होंने इस टाइटल में फेबुलस वाइव्स जोड़कर इस्तेमाल कर लिया। 

अब करण ने मधुर के नाम एक नोट लिखकर अपनी बात साफ़ की है। करण ने नोट में लिखा- ''प्रिय मधुर, हमारे संबंध काफ़ी पुराने हैं और कई सालों से हम इस फ़िल्म इंडस्ट्री का हिस्सा हैं। इन सालों में मैं हमेशा आपके काम का प्रशंसक रहा हूं और हमेशा आपके लिए अच्छा चाहा है। मैं जानता हूं कि आप मुझसे अपसेट हैं। पिछले कुछ हफ़्तों में मेरी वजह से आपको जो कष्ट पहुंचा, उसके लिए मैं आपसे माफ़ी मांगता हूं। 

मैं साफ़ करना चाहूंगा कि हमने ये नया और अलग टाइटल द फेबुलस लाइव्स ऑफ़ बॉलीवुड वाइव्स इसके नॉन फिक्शन रिएलिटी फ्रेंचाइजी फॉर्मेट को ध्यान में रखकर रखा है। चूंकि हमारा टाइटल बिल्कुल अलग है, इसलिए मुझे नहीं लगा था कि आपको इससे परेशानी होगी, जिसके लिए मैं माफ़ी मांगता हूं। 

मैं आपको ये बताना चाहूंगा कि सीरीज़ को हम सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर फेबुलस लाइव्स हैशटैग के साथ प्रमोट कर रहे हैं। मैं आपको यक़ीन दिलाना चाहता हूं कि फॉर्मेट, नेचर, ऑडिएंस और हमारी सीरीज़ का टाइटल बिल्कुल अलग है, जो आपके काम को नुकसान नहीं पहुंचाएगा। मैं उम्मीद करता हूं कि हम इसे छोड़कर आगे बढ़ेंगे और अपने दर्शकों के लिए बेहतरीन कंटेंट बनाते रहेंगे। मैं आपके प्रोजेक्ट्स के लिए शुभकामनाएं देता हूं और आपके काम को देखने के लिए बेकरार हूं।

जिसके बाद करण के इस माफ़ीनामे और सफ़ाई के जवाब में मधुर ने भी एक नोट लिखा, जिसमें उन्होंने कहा- ''प्रिय करण, जवाब देने के लिए शुक्रिया। ये वाकई एक अपनेपन वाली इंडस्ट्री है और ये आपसी विश्वास और सम्मान पर चलती है। जब हम बेहिचक नियमों को तोड़ते हैं, जो हमने ख़ुद बनाये हैं, तब ख़ुद को फ्रेटर्निटी कहना समझदारी नहीं। 2013 में मैंने आपको गुटका टाइटल देने से पहले एक बार भी नहीं सोचा था, जिसके लिए आपने मुझसे गुज़ारिश की थी।

इसीलिए मुझे वैसे ही सम्मान की उम्मीद थी, जब मैंने अपने नाम रजिस्टर्ड टाइटल को देने से मना कर दिया था। हमारी बातचीत और ट्रेड संस्थाओं द्वारा रिजेक्ट होने के बावजूद आपने उसका इस्तेमाल कर लिया, इससे मुझे गहरा दुख पहुंचा। वास्तविक रिश्ते ऐसे नहीं चलते। लेकिन कोई बात नहीं, आगे बढ़ते हैं। मैं आपकी माफ़ी को स्वीकार करता हूं और मुद्दे को यहीं छोड़ता हूं। मैं भी आपको भविष्य के प्रोजेक्ट्स के लिए शुभकामनाएं देता हूं।''