BREAKING NEWS

बजट 1 फरवरी को हो सकता है पेश : सूत्र ◾BJP की महिला सांसदों ने चुनाव आयोग से की राहुल गांधी की शिकायत ◾दिल्ली में अभी चुनाव हुए तो भाजपा को मिलेंगी 42 सीटें◾अवसाद में निर्भया कांड के दोषी, खाना-पीना कम किया : तिहाड़ जेल के सूत्र◾योगी ने राम मंदिर के लिए हर परिवार से 11 रुपये, पत्थर मांगे ◾सर्जिकल स्ट्राइक की इजाजत देने से पहले पर्रिकर ने कहीं थीं दो बातें : दुआ◾‘रेप इन इंडिया’ टिप्पणी को लेकर भाजपा . कांग्रेस के बीच आरोप प्रत्यारोप का दौर ◾महिलाओं की सुरक्षा को लेकर केजरीवाल बोले - हरसंभव कार्य कर रहा हूँ◾उत्तराखंड में भूकंप के हल्के झटके महसूस किये गये◾केवल भाजपा दे सकती है स्थिर और विकास उन्मुख सरकार : मनोज तिवारी◾अर्थव्यवस्था को गति देने के जब भी जरूरत होगी, कदम उठाये जाएंगे : वित्त मंत्री◾अमित शाह, निर्मला सीतारमण अगले सप्ताह भारत आर्थिक सम्मेलन में अपने विचार रखेंगे◾भाजपा की महिला सांसदों ने चुनाव आयोग से राहूल गांधी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की ◾CAB-NRC कभी नहीं लागू करूंगी : ममता◾‘रेप इन इंडिया’ टिप्पणी पर राहुल का माफी से इनकार, मोदी का वीडियो ट्वीट कर किया पलटवार◾पाकिस्तानी सेना ने जम्मू-कश्मीर के राजौरी में की गोलीबारी, दो जवान घायल◾मालदीव की अवामी-मजलिस के स्पीकर मोहम्मद नशीद ने PM मोदी से की मुलाकात◾यूएई से आए विमान में बम रखे होने की कॉल, दिल्ली पुलिस ने मांगी फोन करने वाले की जानकारी ◾पूर्वोत्तर में हिंसक प्रदर्शन के कारण जापान के प्रधानमंत्री का भारत दौरा रद्द ◾TOP 20 NEWS 13 DEC : आज की 20 सबसे बड़ी खबरें◾

व्यापार

एस्सार स्टील के अधिग्रहण का आर्सेलर मित्तल का रास्ता साफ

 arcelormittal

नई दिल्ली : उच्चतम न्यायालय ने एस्सार स्टील मामले में राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय न्यायाधिकरण (एनसीएलएटी) के चार जुलाई के आदेश को रद्द करते हुए कर्ज में डूबी इस कंपनी के अधिग्रहण के लिए वैश्विक इस्पात कंपनी समूह आर्सेलर मित्तल का रास्ता साफ कर दिया है। एनसीएलएटी ने वित्तीय कर्जदाताओं और परिचालन कर्जदाताओं को एक बराबर समझने का आदेश दिया था। आर्सेलर मित्तल ने दिवाला प्रक्रिया के तहत एस्सार स्टील के लिए 42,000 करोड़ रुपये की बोली लगाई है। 

न्यायमूर्ति आर.एफ. नरीमन की अध्यक्षता वाली पीठ ने स्पष्ट किया कि दिवाला संहिता के तहत निपटान प्रक्रिया में वित्तीय कर्जदाताओं को परिचालन कर्जदाताओं के आगे प्राथमिकता दी गयी है और फैसला करने वाला अधिकारी कर्जदाताओं की समिति (सीओसी) द्वारा स्वीकृत फैसले में हस्ताक्षेप नहीं कर सकते हैं। शीर्ष अदालत ने कहा कि फैसला करने वाला प्राधिकरण समाधान योजना को दिशानिर्देशों के अनुरूप सीओसी के पास भेज सकता है लेकिन कर्जदाताओं की समिति द्वारा लिए गए वाणिज्यिक फैसले में बदलाव नहीं कर सकता है। 

पीठ ने समाधान खोजने के लिये दिवाला एवं ऋणशोधन अक्षमता संहिता के तहत निर्धारित 330 दिन की समयसीमा में भी ढील दी है। पीठ ने कहा कि सीओसी को समाधान योजना में सभी हितधारकों के हितों को संतुलित करना चाहिए। शीर्ष न्यायालय ने 22 जुलाई को एस्सार दिवाला मामले में यथास्थिति बनाये रखने का आदेश दिया था। यह फैसला एनसीएलएटी के चार जुलाई के आदेश को चुनौती देने वाली कर्जदाताओं की समिति की याचिका पर आया है। 

न्यायाधिकरण ने एस्सार स्टील के अधिग्रहण के लिए दिग्गज इस्पात कारोबारी लक्ष्मी मित्तल की अगुवाई वाली आर्सेलर मित्तल की 42,000 करोड़ रुपये की बोली को मंजूरी दी थी। हालांकि, एनसीएलएटी ने आर्सेलर मित्तल की बोली राशि के वितरण में कर्जदाताओं और परिचालन कर्जदाताओं को बराबर का दर्जा दिया था। दिवाला एवं ऋणशोधन अक्षमता संहिता के तहत नीलाम की गई एस्सार स्टील पर वित्तीय कर्जदाताओं और परिचालन कर्जदाताओं का 54,547 करोड़ रुपये का बकाया है।