जेट एयरवेज की असफलता नींद से जागने का समय

Summary :

निजी क्षेत्र की एयरलाइन जेट एयरवेज का धराशायी होना सभी के लिये नींद से जागने का समय है और इसका कुछ न कुछ दोष नीति निर्माताओं का भी है क्योंकि देश में लागत ढांचा काफी ऊंचा है।

सिओल : निजी क्षेत्र की एयरलाइन जेट एयरवेज का धराशायी होना सभी के लिये नींद से जागने का समय है और इसका कुछ न कुछ दोष नीति निर्माताओं का भी है क्योंकि देश में लागत ढांचा काफी ऊंचा है। स्पाइस जेट के प्रमुख अजय सिंह ने यह कहा है। सस्ती विमानन कंपनी स्पाइस जेट अपने कारोबार का विस्तार कर रही है और वह 30 विमानों को पट्टे पर लेने की तैयारी में है। 
इन विमानों का इस्तेमाल जेट एयरवेज करती रही है। उल्लेखनीय है कि जेट एयरवेज ने अप्रैल में नकदी संकट के चलते उड़ान परिचालन को निलंबित कर दिया था। स्पाइस जेट के बेड़े में अब कम-से-कम 100 विमान शामिल हैं। इंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन की सालाना आम बैठक के दौरान अलग से बातचीत में स्पाइसजेट के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक ने कहा कि हम जेट एयरवेज के 2,000 कर्मचारियों को नियुक्त करने की भी योजना बना रहे हैं। 
एयरलाइन पहले ही 1,100 से अधिक ऐसे लोगों को नियुक्त कर चुकी है। जेट एयरवेज की उड़ानें बंद होने को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुये सिंह ने कहा कि आंतरिक कारण और ऊंची लागत इस असफलता के कारणों में शामिल हैं। 

Desk Team