नई दिल्ली : तेज आर्थिक प्रगति बिना नौकरियों के सृजन के हाासिल नहीं की जा सकती। आर्थिक मामलों के सचिव सुभाष चंद्र गर्ग ने यह बात कही और कहा कि देश में वास्तव में पूंजी की कमी नौकरियों की कमी से कहीं ज्यादा है। सुभाष चंद्र गर्ग ने कहा कि हालांकि ज्यादातर भारतीयों के पास नौकरी है और वे कुछ ना कुछ कमा रहे हैं, लेकिन समस्या यह है कि उनमें से कई काफी कम मजदूरी प्राप्त कर रहे हैं या फिर उन्हें उनकी योग्यता से कम का काम मिला है।

सुभाष चंद्र गर्ग ने कहा कि हमारे पास पूंजी की अधिकता न होने की वजह से हम रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देने में सक्षम नहीं हैं। सरकार 3.5 लाख करोड़ की राशि पूंजीगत व्यय में निवेश कर चुकी है, अगर हमारे पास पैसा होता तो हम और भी निवेश कर सकते थे। उन्होंने कहा कि रोजगार सृजन आर्थिक गतिविधि से संबंधित है।

उत्पाद और सेवाओं में वृद्धि होने से रोजगार के अवसरों में भी बढ़ोतरी होगी जिससे आर्थिक प्रगति होगी। ऐसे में देश में निवेश कार्यक्रमों में वृद्धि को सरकार सुनिश्चित करे। उन्होंने कहा कि गांवों में सरकार द्वारा तमाम कार्यक्रमों में निवेश किया गया है जिनमें प्रधानमंत्री आवास योजना एक है।

इन योजनाओं के तहत करोड़ों की संख्या में घरों का निर्माण किया जा रहा है, कच्ची सड़कों की जगह पक्के रोड बनाए जा रहे हैं, राष्ट्रीय राजमार्ग बन रहे हैं। ईंधन वितरण और एलपीजी कनेक्शन से संबंधित भी कई योजनाएं बनाई गई हैं।