मुंबई : विनिर्माण क्षेत्र की निजी कंपनियों का शुद्ध मुनाफा चालू वित्त वर्ष की दिसंबर तिमाही में सालाना आधार पर 24.90 प्रतिशत बढ़ा है। इसका कारण कर की कम दरों के प्रावधान हैं। रिजर्व बैंक ने बुधवार को इसकी जानकारी दी। रिजर्व बैंक ने कहा कि वित्त क्षेत्र से इतर 2,703 सूचीबद्ध निजी कंपनियों के तीसरी तिमाही के वित्तीय परिणामों के आधार पर यह निष्कर्ष निकाला गया है।

रिजर्व बैंक ने निजी कंपनियों के प्रदर्शन के बारे में हालिया आंकड़ा जारी करते हुए कहा कि वित्त वर्ष 2018-19 की तीसरी तिमाही में कर के कम प्रावधानों से विनिर्माण क्षेत्र को लाभ हुआ है और उनका शुद्ध मुनाफा रिकॉर्ड वृद्धि को बरकरार रखे हुए है। रिपोर्ट के अनुसार, चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में इन कंपनियों का सम्मिलित शुद्ध मुनाफा 77,500 करोड़ रुपये रहा जो पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में 57,800 करोड़ रुपये था।

चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में यह 71,900 करोड़ रुपये रहा था। हालांकि आलोच्य तिमाही के दौरान सालाना आधार पर विनिर्माण कंपनियों की बिक्री में कमी आयी है। रिजर्व बैंक ने कहा कि कपड़ा, लोहा एवं इस्पात, मोटर वाहन और अन्य परिवहन उपकरणों के क्षेत्र में सुधार दर्ज किया गया जबकि उपभोक्ता केंद्रित क्षेत्रों जैसे खाद्य उत्पाद और पेय तथा दवा क्षेत्र में बिक्री में तेजी दर्ज की गयी।’’

आलोच्य तिमाही के दौरान विनिर्माण क्षेत्र के ब्याज की लागत में कमी आयी। रिजर्व बैंक ने कहा कि सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) क्षेत्र में बिक्री की वृद्धि दूसरी तिमाही की तुलना में तीसरी तिमाही में अपरिवर्तित रही है।