नई दिल्ली : सार्वजनिक क्षेत्र की आयल एंड नेचुरल गैस कारपोरेशन (ओएनजीसी) अपनी स्थलीय क्षेत्र की खनिज तेल परियोजनाओं में कच्चे तेल के उत्पादन में गिरावट के रुझान को बदलने में सफल रही है और मार्च 2019 को समाप्त वित्त वर्ष में उत्पादन में 1.25 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की है। कंपनी के एक शीर्ष अधिकारियों ने यह जानकारी दी। ओएनजीसी ने समुद्र से इतर भू-क्षेत्रों में स्थित अपने कुओं से 61.41 लाख टन कच्चे तेल का उत्पादन किया।

यह उत्पादन तब हुआ है जब कि उसके ऐसे ज्यादातर तेल फील्ड 50 साल से अधिक पुराने हैं और उसमें प्राकृतिक रूप से समय के साथ उत्पादन में गिरावट आ रही है। अधिकारियों ने कहा कि कंपनी ने उत्पादन बढ़ाने के लिये कुछ पहल की है जिसका सकारात्मक असर दिख रहा है। सरकार की ओर से देश की सबसे बड़ी तेल एवं गैस उत्पादक कंपनी पर उत्पादन बढ़ाने का दबाव है। ओएनजीसी के तेल उत्पादन में बढ़ोतरी 2022 तक तेल आयात पर निर्भरता में 10 प्रतिशत की कटौती के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लक्ष्य को पूरा करने की दिशा में महत्वपूर्ण है।

पहले ही कंपनी प्राकृतिक गैस के उत्पादन में वर्षों से जारी गिरावट को रोकने में सफल रही है और उत्पादन 2018-19 में 6.5 प्रतिशत उछलकर 25.9 अरब घन मीटर रहा। हालांकि अपतटीय क्षेत्रों से तेल उत्पादन में लगातार गिरावट बनी हुई है। यह स्थिति अगले साल से बदलने की उम्मीद है जब कृष्णा गोदावरी बेसिन फील्ड केजी-डीडब्ल्यूएन-98/2 से उत्पादन शुरू हो जाएगा।