मुंबई : भारतीय रिजर्व बैंक की नए वित्त वर्ष 2019-20 की पहली द्विमासिक मौद्रिक समीक्षा बैठक मंगलवार को यहां शुरू हुई। उम्मीद की जा रही है कि मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) आर्थिक गतिविधियों को प्रोत्साहन के लिए नीतिगत दरों में 0.25 प्रतिशत की और कटौती कर सकती है। केंद्रीय बैंक ने फरवरी में 18 महीने के अंतराल के बाद रेपो दर में चौथाई प्रतिशत की कटौती की थी।

लगातार दूसरी बार ब्याज दर में कटौती से इस चुनावी सीजन में कर्ज लेने वालों को बड़ी राहत मिल सकती है। रिजर्व बैंक गवर्नर शक्तिकांत दास की अगुवाई वाली मौद्रिक नीति समिति बैठक के नतीजों की घोषणा बृहस्पतिवार को करेगी। दास पहले ही विभिन्न अंशधारकों, उद्योग संगठनों, जमाकर्ताओं के संघों, एमएसएमई प्रतिनिधियों तथा बैंकरों के साथ बैठक कर चुके हैं।