आम्रपाली समूह की फॉरेंसिक रपट वकीलों में वितरित करने पर उच्चतम न्यायालय नाराज - Latest News In Hindi, Breaking News In Hindi, ताजा ख़बरें, Daily News In Hindi

लोकसभा चुनाव 2024

पहला चरण - 19 अप्रैल

Days
Hours
Minutes
Seconds

102 सीट

दूसरा चरण - 26 अप्रैल

Days
Hours
Minutes
Seconds

89 सीट

तीसरा चरण - 7 मई

Days
Hours
Minutes
Seconds

94 सीट

चौथा चरण - 13 मई

Days
Hours
Minutes
Seconds

96 सीट

पांचवां चरण - 20 मई

Days
Hours
Minutes
Seconds

49 सीट

छठा चरण - 25 मई

Days
Hours
Minutes
Seconds

57 सीट

सातवां चरण - 1 जून

Days
Hours
Minutes
Seconds

57 सीट

तीसरा चरण - 7 मई

Days
Hours
Minutes
Seconds

94 सीट

आम्रपाली समूह की फॉरेंसिक रपट वकीलों में वितरित करने पर उच्चतम न्यायालय नाराज

उच्चतम न्यायालय ने विवादों में घिरी रीयल एस्टेट कंपनी आम्रपाली समूह की फॉरेंसिक ऑडिट रपट को अदालत को सौंपने से पहले वकीलों में वितरित

उच्चतम न्यायालय ने विवादों में घिरी रीयल एस्टेट कंपनी आम्रपाली समूह की फॉरेंसिक ऑडिट रपट को अदालत को सौंपने से पहले वकीलों में वितरित किए जाने पर मंगलवार को कड़ी नाराजगी जाहिर की।

शीर्ष अदालत ने कहा वह 30 अप्रैल से आम्रपाली की परियोजनाओं के आवास खरीदारों की याचिका पर सुनवाई करेगी। अदालत इस मामले में देखेगी कि क्या घर खरीदारों को संपत्ति का मालिकाना हक दिया जा सकता है।

न्यायालय ने यह भी कहा कि वह यह भी देखेगी कि आम्रपाली समूह द्वारा घर खरीदारों के धन को जिन दूसरे उद्यमों में लगाया गया है, क्या वहां से उसे वापस लाकर रुकी हुई आवासीय परियोजनाओं को पूरा करने में उपयोग किया जा सकता है?

जेट एयरवेज के पायलटों ने वेतन भुगतान मामले में प्रबंधन को कानूनी कार्रवाई की धमकी दी

न्यायालय ने कहा कि आम्रपाली के मामले में उन परेशान घर खरीदारों को लाभ मिलना चाहिए जिन्होंने अपनी जीवनभर की पूंजी को इसमें लगा दिया और उन्हें घर नहीं मिला।

न्यायमूर्ति अरुण मिश्रा और यू. यू. ललित की पीठ ने कहा कि फॉरेंसिक रपट को अदालत में सौंपने से पहले वकीलों को वितरित किये जाने के मामले को वह ‘गंभीरता’ से लेगी।

अदालत ने निर्देश दिया कि इसे सीलबंद लिफाफे में रखा जाना चाहिए। पीठ ने नौं खंडों में सौंपी गई अंतिम रिपोर्ट को भी रिकार्ड में लिया। यह रिपोर्ट अदालत द्वारा नियुक्त किये गये दो फारेंसिक आडिटर्स ने तैयार की है। उन्हें अपना काम 28 अप्रैल तक समाप्त करने को कहा गया है।

फारेंसिंक आडिटर पवन अग्रवाल और रवि भाटिया ने न्यायालय से कहा कि आडिट के दौरान उन्हें पता चलता है कि आम्रपाली समूह ने घर खरीदारों का 3,000 करोड़ रुपये से अधिक धन दूसरे कामों में लगाया है। घर खरीदारों के धन को इधर उधर करने के लिये 100 से अधिक मुखौटा कंपनियां बनाई गई।

पीठ ने कहा कि वह सार्वजनिक हित को नुकसान नहीं पहुंचने देगी और यह तय करना चाहेगी कि आम्रपाली समूह को इसके भुगतान के लिये किस प्रकार से जवाबदेह बनाया जाये।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

14 − three =

पंजाब केसरी एक हिंदी भाषा का समाचार पत्र है जो भारत में पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश और दिल्ली के कई केंद्रों से प्रकाशित होता है।