गुप्त कोड के जरिये ईवीएम में की जा सकती है छेड़छाड़ : भारद्वाज


नई दिल्ली :  आम आदमी पार्टी (आप) के विधायक सौरभ भारद्वाज ने आज दिल्ली विधानसभा में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) के नमूने का सीधा डेमो करके दावा किया कि इन मशीनों में गुप्त कोड के जरिये छेड़छाड़ की जा सकती है और ऐसा करके किसी खास पार्टी के पक्ष वोट डाले जा सकते हैं।

श्री भारद्वाज ने सदन में ईवीएम के नमूने का डेमो किया तो उसका टेलीविजन चैनलों ने सीधा प्रसारण किया। ‘ईवीएम में छेड़छाड़’ के मुद्दे को लेकर एक दिन के लिए विधानसभा का विशेष सत्र आयोजित किया गया था। श्री भारद्वाज ने सदन को बताया कि वह खुद कम्प्यूटर साइंस में बीटेक कर चुके हैं और उन्हें विभिन्न बहुराष्ट्रीय आईटी कंपनियों में काम करने का दस वर्ष का अनुभव है। वह इसके आधार पर कह सकते हैं कि किसी भी मशीन में छेड़छाड़ की जा सकती है और वह सदन में सबके सामने ईवीएम में छेड़छाड़ का नमूना पेश कर रहे हैं।
उन्होंने दावा किया कि किसतरह मतदान के दिन इन मशीनों को सभी दलों के लोगों को डेमो करके बताया जाता है कि मशीनें पूरी तरह मुकम्मल हैं और उनमें छेड़छाड़ की गुंजाइश नहीं है लेकिन हकीकत यह है कि इसमें छेड़छाड़ संभव है।

श्री भारद्वाज ने कहा कि जिस मशीन में मतदाता बटन दबाकर वोट डालते हैं उसमें हर पार्टी के लिए एक गुप्त कोड होता है। यदि कोई मतदाता उस गुप्त कोड के अंकों को दबा दे तो उसके बाद उस ईवीएम के सारे वोट खास पार्टी के पक्ष में डलवाये जा सकते हैं। उन्होंने नमूने के तौर पर दिखाया कि शुरू में कुछ पार्टियों को वोट डाले गये लेकिन गुप्त कोड डालने के बाद खास पार्टी के पक्ष में सारे वोट गये।

श्री भारद्वाज ने आरोप लगाया कि राजस्थान के धौलपुर में और उत्तर प्रदेश के भिंड में इसतरह की मशीनें सामने आ चुकी हैं जिनसे एक खास पार्टी को ही सारे वोट पड़ रहे थे। उन्होंने वैज्ञानिकों को भिंड में गड़बड़ी की गुत्थी सुलझाने की चुनौती दी।

श्री भारद्वाज ने डेमो से पहले कहा कि जनता का विश्वास लोकतंत्र की नींव होती है और यह विश्वास हिलने पर प्रजातंत्र की नींव हिल जाती है। जनता दल (यू), तृणमूल कांग्रेस, कम्युनिस्ट पार्टी और राजद के प्रतिनिधियों को विशेष तौर पर आमंत्रित किया गया था और उन्होंने दर्शक दीर्घा में बैठकर सदन की कार्यवाही देखी।

उल्लेखनीय है कि आप तथा बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने उत्तर प्रदेश विधानसभा के हाल के चुनावों में ईवीएम में छेड़छाड़ के आरोप लगाये थे और कहा था कि इसी की बदौलत भाजपा ने जीत हासिल की है। आप ने दिल्ली नगर निगम के चुनावों में भी यही आरोप लगाये थे। कांग्रेस ने भी चुनाव आयोग से ईवीएम की जांच की मांग की थी।

– वार्ता