सिख धर्म पर अपने अपने दावे व चुनौतियां


लुधियाना : 34 सिंह शहीद गुरूद्वारा साहिब के मुखय प्रबंधक व तखत श्री दमदमा साहिब के सरबत खालसा द्वारा नियुक्त सिंह साहिबॉन सिंह साहिब बलजीत सिंह दादुवाल ने तखत श्री केसगढ साहिब में माथा टेकने के उपरांत कीर्तन सरवण किया। 13 सितंबर को हर साल की तरह 34 सिंह शहीदों की याद को समर्पित सिख धर्म की रिति-रिवाजों के अनुसर गुरू घर में वार्षिक महान गुरमति समागम करवाया जा रहा है। इस संबंधी जानकारी देते हुए जत्थेदार बलजीत सिंह दादुवाल ने कहा कि बडे दुख की बात है धर्म प्रचार में ड्यूटी निभानी वाली शिरोमणि गुरूद्वारा प्रबंधक कमेटी धर्म प्रचार करने की बजाये उनके धर्म प्रचार में निरंत रूकावटें खडी कर रही है।

दादूवाल ने यह भी कहा कि शिरोमणि कमेटी की इन रूकावटों के बावजूद उनकी सभाओं में संगत भारी उत्साह के साथ उपस्थित हो रही है। दादूवाल के अनुसार चूंकी 2015 में तरनतारन स्थित चब्बे की पावन धरती पर सरबत खालसा ने अन्य के साथ सिख प्रचार के लिए जत्थेदार की सेवा सौंपी है। जिसे वह बाखूबी निभा रहे है।

बीतें दिनों कलवां में हुए धाॢमक समागम के दौरान की बात है कि शिरोमणि कमेटी ने शहीदों की याद में समागम करवाने की याद आई। चाहे इसके लिए कई बरस गुजर गए। चूंकी शिरोमणि कमेटी संगत के उत्साह को देखकर बौखलाई है। दादूवाल ने मीडिया से बातचीत करते हुए एसजपीसी अध्यक्ष प्रो. किरपाल सिंह बंडूगर को चुनौँती देते हुए कहा कि उन्हें कांग्रेस का एजेंट बताने वाले उनसे किसी भी मंच पर खुली बहस करके देख लें।

जबकि बडूंगर ने भी कहा कि वह बहस के लिए हर दम तैयार है। दादूवाल ने कहा कि 1998 से डेरा प्रमुख की सिख विरोधी गतिविधियों के खिलाफ वह लडते आ रहे है। उन्होंने कहा कि अकाली सरकार नाम चर्चा रूकवाने के नाम सुरक्षा दृष्टि का हवाला देकर उन्हें रोक देती थी। उन्होंने कहा कि पूर्व जत्थेदार ज्ञानी गुरमुख सिंह द्वारा डेरा प्रमुख के खिलाफ माफीनामे संंबंधी बादल परिवार पर लगाए गए आरोपों पर प्रो. बंडूगर चुप क्यों है।

– सुनीलराय कामरेड