उत्तर प्रदेश के विधानसभा में फिर मिला खतरनाक विस्फोटक पाउडर


UP विधानसभा में खतरनाक विस्फोटक PETN से मिलने के बाद जहां UP में हड़कंप मचा हुआ है। खतरनाक विस्फोटक PETN के मिलने के बाद सरकार से लेकर सुरक्षा एजेंसियां तक सभी हरकत में आ गयी है । और सभी इस मामले की गंभीरता से जांच में जुटी हुई हैं। आपको बता दे कि सबसे पहले शुक्रवार को खतरनाक विस्फोटक PETN का पता चला था पर इसकी गुत्थी सुलझती इससे पहले शनिवार को फिर खतरनाक विस्फोटक पाउडर से हड़कंप मच गया । आखिर सुरक्षा और CCTV के बहुजूद भी ये खतरनाक विस्फोटक यहाँ तक कैसे पंहुचा इसी को लेकर राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी (NIA) और एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (ATS) जांच में जुटे गए है ।

वहीं इन सबके बीच जैश ए मोहम्मद के सरगना मौलाना महसूद अजहर का ऑडियो संदेश जारी हुआ है । जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को निशाना बनाने की बात कही है । आपको बता दे की अमरनाथ यात्रियों पर हमले के तीन पहले जारी इस आंतकी वीडियो को खुद जैश सरगना ने जारी किया और पाक में पल रहे जैश-ए-मुहम्मद ने संदेश और ऑडियो जारी कर प्रधानमंत्री मोदी के साथ-साथ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को धमकी दी है।

जैश सरगना मसूद अजहर के पेन नेम सादी के हवाले से जारी इस धमकी में सीधे-सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को निशाना बनाने की बात कही गयी है । 100 ग्राम PETN किसी भी कार आसानी के उड़ा सकता है आपको बता दे कि 500 ग्राम PETN उत्तर प्रदेश की विधानसभा के लिए काफी है ।

आखिर ये PETN है क्या , जानिए !
PETN का मतलब Pentaerythritol tetranitrate विस्फोटक जो बेहद सुरक्षित और स्थायी होता है PETN की खास बात ये है कि इसे कहीं भी आसानी से लेकर जा सकते हैं। ये बहुत खतरनाक विस्फोटक होता है । इसे और खतरनाक बनाने के लिए इसमें ट्राइ-नाइट्रो टालुइन (TNT) का यूज़ करते है। RDX का इस्तेमाल करने के बाद इसका इस्तेमाल युद्ध और ग्रेनेड्स में भी किया जाता है।

 

 

आपको ये भी बता दे कि PETN विस्फोटक की पहचान करना और सुरक्षा उपकरणों की जद में नहीं आना ही इसे और भी खतरनाक बनाता है और यही वजह है कि आतंकियों का यह काफी पसंदीदा विस्फोटक है। आतंकी इस विस्फोटक ज्यादा इस्तेमाल करते हैं। PETN का जो सबसे ज्यादा इस्तेमाल करता है वो आतंकी संगठन अलकायदा करता रहा है। आतंकी संगठन अलकायदा अलग-अलग जगह पर धमाकों में इसका इस्तेमाल कर चुका है।