BREAKING NEWS

धमकी भरे फोन के बाद एयर एशिया फ्लाईट की इमरजेंसी लैंडिंग, 150 से अधिक लोग थे सवार◾6 जून से शुरू हो सकता है नयी लोकसभा का पहला सत्र◾लड़ाई कितनी भी लंबी हो, कभी पीछे नहीं हटूंगी : सोनिया गांधी◾BJP के पास अगले साल तक राज्यसभा में हो जाएगा बहुमत , जानिए ! Modi का ये फॉर्मूला ◾MP की घटना में शामिल लोग BJP और Modi के हैं मतदाता : ओवैसी◾ADR रिपोर्ट : नयी लोकसभा में 475 सांसद करोड़पति, ये सांसद है सबसे आमिर◾सीबीआई ने कोलकाता के पूर्व पुलिस प्रमुख पूछताछ के लिए तलब किया ◾दाभोलकर हत्याकांड में गिरफ्तार 2 लोगों को एक जून तक CBI हिरासत में भेजा गया ◾PM मोदी ने माँ हीराबेन से लिया आशीर्वाद◾जेटली का स्वास्थ्य बिगड़ने संबंधी खबरें झूठी, निराधार : सरकार ◾आतंकवादी भारत के खिलाफ कोई कदम नहीं उठाएं, इसलिए किया गया था बालाकोट हमला : जनरल रावत ◾अमेठी में सुरेन्द्र सिंह की हत्या पर स्मृति ईरानी बोली - दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलवायी जाएगी◾राफेल सौदे में FIR या CBI जांच का कोई सवाल ही नहीं है : केंद्र ◾नरेन्द्र मोदी 30 मई को लेंगे प्रधानमंत्री पद एवं गोपनीयता की शपथ ◾इमरान खान ने की प्रधानमंत्री मोदी से बात, मिलकर काम करने की इच्छा जताई ◾मोदी सरकार से जनता की अपेक्षायें बढ़ी : बाबा रामदेव◾TOP 20 News 26 MAY : आज की 20 सबसे बड़ी ख़बरें◾अमेठी पहुंची स्मृति ईरानी, करीबी पूर्व ग्राम प्रधान सुरेंद्र सिंह की अर्थी को दिया कंधा◾राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ में पार्टी के सफाए से राहुल गांधी ज्यादा नाराज !◾अमेठी : सुरेंद्र सिंह के भाई ने बताया- राजनीतिक रंजिश में हुई हत्या◾

दिल्ली – एन. सी. आर.

अदालत ने पुलिसकर्मियों पर हमले के दोषी से धर्मार्थ अस्पताल में मुफ्त सेवा देने को कहा

 दिल्ली की एक अदालत ने दो पुलिसकर्मियों को ड्यूटी से रोकने और उनमें से एक को गंभीर रूप से घायल करने के 2013 के मामले में दोषी एक व्यक्ति को यहां एक धर्मार्थ अस्पताल में पैसे लिये बिना एक साल तक मुफ्त सेवा देने का निर्देश दिया। अफान को एक साल के कारावास की सजा सुनाने वाले जिला न्यायाधीश ए एस जयचंद्र ने उसके अच्छे व्यवहार पर संज्ञान लिया और उसे परिवीक्षा पर छोड़ दिया। अदालत ने उससे कड़कड़डूमा स्थित धर्मार्थ अस्पताल कोट्टाकल आर्य वैद्यशाला में पैसे लिये बिना एक साल तक हर सप्ताह कम से कम दो दिन मुफ्त सेवा देने को कहा। अफान को भारतीय दंड संहिता की धारा 186 (लोक सेवकों को ड्यूटी से रोकना), 333 (लोक सेवकों को रोकने की मंशा से गंभीर रूप से चोट पहुंचाना) और 353 (लोक सेवकों पर हमला) के तहत दोषी ठहराया गया था। अदालत ने उस पर पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया था।