BREAKING NEWS

कांग्रेस का दावा - हम फिर से बनाएंगे सरकार◾बंगाल चुनाव बाद हिंसा: भाजपा कार्यकर्ता की मौत मामले में CBI ने सात लोगों को किया गिरफ्तार ◾दिल्ली कोविड : बीते 24 घंटों में आए 4,044 नए मामले, कल के मुकाबले कम हुई मौतें ◾वी.अनंत नागेश्वरन ने संभाला देश के नए मुख्य आर्थिक सलाहकार का पद, आम बजट से पहले केंद्र सरकार ने किया ऐलान◾मिसाइल आपूर्ति करने वाले देशों के प्रतिष्ठित क्लब में शामिल हुआ भारत, इस देश को देगा शक्तिशाली ब्रह्मोस ◾मुजफ्फरनगर: साझा प्रेस वार्ता में अखिलेश और जयंत चौधरी ने दिखाई अपनी ताकत, जानिए क्या बोले दोनों नेता◾केस दर्ज होने के बाद श्वेता तिवारी ने मांगी माफी, तोड़-मरोड़कर दिखाया जा रहा बयान, जानें पूरा मामला◾यूक्रेन मुद्दे पर बढ़ते तनाव के बीच रूस के विदेश मंत्री बोले- मास्को युद्ध शुरू नहीं करेगा ◾UP चुनाव: लखीमपुर, पीलीभीत BJP के लिए बने मुसीबत का सबब, पार्टी हो रही अंदरूनी मन-मुटाव का शिकार ◾कर्नाटक के पूर्व CM बीएस येदियुरप्पा की नातिन ने की आत्महत्या, पुलिस जांच में जुटी◾नवजोत सिंह सिद्धू की बहन ने पूर्व कांग्रेस प्रमुख को बताया 'क्रूर इंसान', कहा- पैसों की खातिर मां को छोड़ा...◾गोवा: विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस को लगा झटका, पूर्व CM प्रतापसिंह राणे ने इलेक्शन नहीं लड़ने का लिया फैसला◾यूपी : चुनाव प्रचार के लिए 31 जनवरी को अमित शाह देंगे आजम के गढ़ में दस्तक, घर-घर मांगेगे वोट ◾भय्यू महाराज खुदकुशी मामला: एक महिला समेत तीन सहयोगियों को 6 साल की सश्रम कारावास की सजा◾कोविड टीकाकरण : देश में एक करोड़ से अधिक लोगों को लगी एहतियाती खुराक, सरकार ने दी जानकारी ◾BJP ने SP की लिस्ट को बताया माफियाओं की सूची, कानून-व्यवस्था और विकास पर अखिलेश को दी चुनौती ◾दिल्ली : विवेक विहार गैंगरेप मामले में 9 महिलाओं समेत अब तक 11 गिरफ्तार◾खुलकर आई धनखड़ Vs TMC की लड़ाई, पार्टी लाएगी राज्यपाल के खिलाफ प्रस्ताव, अन्य दलों से मांगेगी सहयोग ◾यूपी: 'लाल टोपी वाले गुंडे' वाले बयान का सपा उठा रही चुनावी फायदा, कार्यकर्ताओं के लिए बना स्टेटस सिम्बल ◾चौथे चरण के लिए BSP ने की 53 उम्मीदवारों की घोषणा, दलितों, पिछड़ों और अल्पसंख्यकों में बनाया संतुलन ◾

दिल्ली हिंसा : एक साल बाद भी पीड़ितों को मुआवजे के नाम पर मिले चंद हजार रुपये

दिल्ली में पिछले साल हुई सांप्रदायिक हिंसा के बाद सरकार ने दंगों का दंश झेलने वाले लोगों के जख्मों पर मरहम लगाने के लिए मुआवजे का ऐलान तो किया था लेकिन एक साल बीत जाने के बावजूद दंगा पीड़ितों को मुआवजे के नाम पर चंद हजार रुपये ही दिए गए हैं।

फरवरी 2020 के अंतिम सप्ताह में उत्तर पूर्वी दिल्ली के कई इलाकों में हुए दंगों के दौरान काफी लोगों के घर और दुकानें बर्बाद हो गईं थी। उस वक्त दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ऐलान किया था कि दंगों में जिनके घरों को पूरी तरह से जला दिया गया है, उन्हें पांच लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा जबकि जिनके घर क्षतिग्रस्त हुए हैं उन्हें ढाई लाख रुपये की सहायता राशि दी जाएगी।

इसके बाद उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने मार्च में कहा था कि घर की हर मंजिल को एक आवासीय इकाई माना जाएगा और पांच लाख रुपये दिए जाएंगे। व्यावसायिक संपत्ति के मामले में अधिकतम पांच लाख रुपये के मुआवजे की घोषणा की गई थी। लेकिन साल भर बीत जाने के बावजूद दंगा पीड़ित मुआवाजे के लिए एसडीएम के दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं।

मौजपुर चौक के पास नहर बाजार में स्थित करीब सात दुकानें, 24 फरवरी को सबसे पहले आग के हवाले की गईं थी। इनमें शहज़ाद की पुराने कपड़ों की दुकान भी शामिल थी। शहजाद ने बताया, “23 फरवरी को दोनों ओर से पथराव होने के बाद हम दुकान बंद करके चले गए थे।

अगले दिन 24 फरवरी को भी माहौल तनावपूर्ण था तो हम सुबह में ही दुकान बंद करके वापस चले गए।'' उन्होंने बताया, ' 'हमें मालूम चला कि दंगाइयों ने दुकान को आग लगा दी जिससे दो मंजिला ढांचा पूरी तरह से बर्बाद हो गया। सरकार से मदद के नाम पर हमें सिर्फ 18,250 रुपये ही मिले हैं। '' उन्होंने कहा कि दुकान में रखा लाखों रूपये का माल तो खाक हुआ ही दुकान भी फिर से बनानी पड़ी।

शहज़ाद ने बताया, ''हमने रिश्तेदारों से कर्ज लेकर दुकान दोबारा बनवाई है जिसमें साढ़े पांच लाख रुपये का खर्च आया। हमने यह सोचकर कर्ज लिया कि सरकार मुआवजा देगी तो रिश्तेदारों को पैसा वापस कर देंगे। लेकिन एसडीएम साहब कहते हैं कि आपका मुआवजा जितना मंजूर हुआ था, उतना मिल गया है, कुछ होगा तो पता चल जाएगा।''

शहज़ाद के पड़ोस में फॉर्म की दुकान चलाने वाले रोशन लाल ने बताया कि आगज़नी में उनकी दुकान और पहली मंजिल पूरी तरह से नष्ट हो गई थी। सरकार से मुआवजे के नाम पर उन्हें 32,700 रुपये मिले हैं जबकि दुकान दोबारा बनाने में उनके 12 लाख रुपये खर्च हुए हैं। उन्होंने बताया, “कुछ पैसा रिश्तेदारों से तो कुछ पैसा ब्याज पर लिया है।

लॉकडाउन की वजह से वैसे ही कारोबार बहुत मंदा है। कर्ज लिया गया पैसा भी चुकाना है और परिवार भी चलाना है। बहुत मुश्किल होता जा रहा है। '' यही कहानी नहर बाजार के बाकी दुकानदारों की भी है जिनकी दुकानें जलाई गई थीं। हालांकि दिल्ली सरकार ने सोमवार को सार्वजनिक रूप से आंकड़ों को साझा करते हुए यह दावा किया कि उसने 2,221 दंगा पीड़ितों को 26 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया है। शिव विहार निवासी मो. राशिद ने बताया कि दंगाइयों ने उनका चार मंजिला घर जला दिया था जिसमें से तीन मंजिलें पूरी तरह से तबाह हो गईं थी।

उन्होंने बताया, '' सरकार से सिर्फ ढाई लाख रुपये मिले हैं, जबकि घर की मरम्मत में ही अब तक पांच-छह लाख रुपये खर्च हो चुके हैं।'' शिव विहार में ही रहने वाले राम सेवक ने बताते हैं कि सब जगह आवेदन दे चुकने के बावजूद उन्हें कुछ नहीं मिला है। दंगों में उनके घर को भी नुकसान हुआ था जिसकी मरम्मत उन्होंने खुद ही कराई है।

खाद्य तेल का काम करने वाले बृजपुरी निवासी चेतन कौशिक को दंगों में करीब दो करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था। उनकी दुकान और घर को जला दिया गया था। कौशिक ने कहा कि मुआवजे के ऐलान के बाद थोड़ी उम्मीद जगी थी लेकिन सरकार से सिर्फ साढ़े सात लाख रुपये मिले हैं जो नुकसान को देखते हुए काफी कम हैं।

उत्तर पूर्वी दिल्ली में पिछले साल 23 फरवरी की शाम को नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के समर्थकों और विरोधियों के बीच मौजपुर इलाके में हुई झड़प के बाद तकरीबन पूरे जिले में सांप्रदायिक हिंसा फैल गई थी। 26 फरवरी तक चली हिंसा में एक पुलिस कर्मी समेत 53 लोगों की मौत हुई और करीब 500 लोग जख्मी हुए। सैकड़ों घरों, दुकानों और गाड़ियों में भी आग लगा दी गई थी।