नई दिल्ली : दिल्ली प्रदेश भाजपा अध्यक्ष मनोज तिवारी द्वारा दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) के अनुबंधित कर्मचारियों द्वारा किये जा रहे धरने में शिरकत करने के बाद प्रदर्शनकारी कर्मचारियों में नया जोश आ गया है। तिवारी द्वारा उनका समर्थन करने के बाद अब अनुबंधित कर्मचारी नये सिरे से अपनी मांगों को उठा रहे हैं। धरने के पांचवें दिन कर्मचारियों ने सीएम केजरीवाल को पत्र लिखा और पूछा कि सरकार ने क्यों अभी तक उनकी सुध नहीं ली?
ऑल कांट्रैक्चुअल एम्प्लाइज एकता मिशन के अध्यक्ष वाल्मीकि झा व कार्यकारी अध्यक्ष मनोज शर्मा ने बताया कि सरकार की ओर से हमें कोई प्रतिक्रिया नहीं मिल रही है। ऐसे में अगर प्रदर्शनकारी कोई उग्र रूप धारण करते हैं तो इसकी जिम्मेदारी सरकार व डीटीसी प्रबंधन की होगी। पत्र में आगे लिखा है कि ऐसी किसी भी स्थिति से पहले कर्मचारियों की मांगें मान ली जानी चहिए। इन मांगों में समान काम समान वेतन, हटाए गए कर्मियों की बहाली, रोजगार की गारंटी और डीटीसी बसों में बढ़ोतरी करना आदि शामिल हैं। उन्होंने बताया कि हमारे प्रदर्शन के समर्थन में अब कई अन्य कर्मचारी और राजनेता भी सामने आ रहे हैं।
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जिसके चलते शुक्रवार को सड़कों पर बसें बेहद कम संख्या में निकलीं और तकनीकी स्टाफ को टिकट काटने पर लगाया गया। जो पुराने चालक अन्य काम में लगे थे उन्हें भी आज लाइन पर भेजा गया। उन्होंने कहा कि पहली बार सरकार बनने पर केजरीवाल व तत्कालीन मंत्री सौरभ भारद्वाज ने बकायदा लिखित में भरोसा दिया था कि सभी कर्मचारियों को नियमित किया जाएगा। लेकिन आज हालात यह हैं कि सरकार हमारा दमन करने में जुटी है।


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