BREAKING NEWS

गृह मंत्रालय से विश्वविद्यालयों को मिली हरी झंडी, परीक्षाएं कराने की मिली अनुमति◾महाराष्ट्र में कोरोना के 5,368 नए मामले आये सामने, 204 और मरीजों की मौत◾वांग - डोभाल बातचीत के बाद बोला चीन - LAC पर सैनिकों को पीछे हटाने का काम जल्द से जल्द किया जाना चाहिए ◾दिल्ली में कोरोना मरीजों का आंकड़ा 1 लाख के पार, देशभर में 7 लाख से ऊपर पहुंची संक्रमितों की संख्या◾कांग्रेस का पलटवार - चीन के खिलाफ मजबूत होती सरकार तो नड्डा को ‘झूठ’ नहीं बोलना पड़ता◾निलंबित DSP देविंदर सिंह समेत छह लोगों खिलाफआतंकी गतिविधियों के लिये NIA द्वारा चार्जशीट दायर ◾चीन के पीछे हटने से एक दिन पहले NSA डोभाल और चीनी विदेश मंत्री के बीच हुई थी बातचीत◾सेना के पीछे हटने पर बोला चीन- दोनों देशों के बीच तनाव कम करने के लिए उठाया गया कदम◾CM केजरीवाल बोले-दिल्ली में अब रोज 20 से 24 हजार हो रहे है कोरोना टेस्ट, मृत्यु दर में आई कमी ◾गलवान घाटी में 1-2 किमी तक पीछे हटी चीनी सेना, झड़प वाले स्थान पर बना बफर जोन◾विकास दुबे के संपर्क में आए तीन और पुलिसकर्मी सस्पेंड, हिस्ट्रीशीटर अब भी पकड़ से दूर◾साउथ चाइना सी में अमेरिकी युद्धपोत की तैनाती पर चीन ने दी धमकी, US नेवी ने उड़ाई ड्रैगन की खिल्ली◾राहुल रक्षा मामले की एक भी बैठक में नहीं हुए शामिल, लेकिन सशस्त्र बल पर उठा रहे हैं सवाल : नड्डा◾श्यामाप्रसाद मुखर्जी की जयंती आज, पीएम मोदी समेत इन नेताओं ने ऐसे किया याद◾दुनियाभर में कोरोना संक्रमितों की संख्या 1 करोड़ 14 लाख से अधिक, अब तक 5 लाख 33 हजार लोगों की हुई मौत ◾कोविड-19 : देश में संक्रमितों का आंकड़ा 7 लाख के करीब, महामारी से लगभग 20 हजार लोगों की मौत ◾राहुल ने केंद्र पर साधा निशाना, कहा- भविष्य में कोविड-19, GST और नोटबंदी फेलियर पर स्टडी में होंगी शामिल ◾दिल्ली में पिछले 3 महीने से बंद ऐतिहासिक स्मारक आज से खुलेंगे, लेना होगा ऑनलाइन टिकट ◾राहुल गांधी ने सरकार पर लगाया आरोप, बोले-PM केयर्स कोष में अपारदर्शिता से खतरे में पड़ रही है जिंदगियां◾कोरोना वायरस के 6.87 लाख मामलों के साथ रूस को पीछे छोड़ भारत तीसरे स्थान पर पहुंचा ◾

भारत में कोरोना के आँकड़े #GharBaithoNaIndiaSource : Ministry of Health and Family Welfare

कोरोना की पुष्टि

इलाज चल रहा है

ठीक हो चुके

मृत लोग

लोकसभा चुनाव में फर्जी मतदाताओं की खबरों को चुनाव आयोग ने बताया गलत

नई दिल्ली : चुनाव आयोग ने लोकसभा चुनाव में ‘‘फर्जी मतदाताओं ’’ के बारे में आई खबरों को शनिवार को गलत करार देते हुए कहा कि ये दावे आयोग की वेबसाइट पर डाले गए मतदान प्रतिशत के अस्थायी आंकड़ों पर आधारित हैं।चुनाव आयोग द्वारा जारी एक बयान में कहा गया है, ‘‘आयोग की वेबसाइट पर अपलोड किया गया अस्थायी मतदान प्रतिशत सिर्फ अस्थायी संख्या है और अंतिम संख्या नहीं है इसलिए, फर्जी मतदाताओं का मिलना गलत दावा है क्योंकि ऐसा कुछ है ही नहीं।’’ 

गौरतलब है कि कुछ दिन पहले मीडिया के एक हिस्से ने यह खबर दी थी कि कुल मतदान प्रतिशत और कुछ राज्यों में मतदाताओं की वास्तविक संख्या में विसंगति है। इन खबरों पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए चुनाव आयोग ने कहा कि अंतिम नतीजे पर पहुंचने के लिए दो श्रेणियों के वोटों की गिनती की गई - जो इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) में डाले गए थे और जो सैनिकों एवं अपने निर्वाचन क्षेत्र से बाहर चुनावी ड्यूटी पर तैनात कर्मियों के डाक मतों से प्राप्त हुए थे। 

आयोग ने कहा कि अस्थायी मतदान आंकड़ा चुनाव आयोग की वेबसाइट और मतदाता हेल्पलाइन मोबाइल एप पर प्रतिशत के रूप में प्रदर्शित किया गया, जिन्हें सेक्टर मजिस्ट्रेटों से हासिल संभावित मतदान प्रतिशत के आधार पर चुनाव के दिन रिटर्निंग ऑफिसर/असिस्टेंट रिटर्निंग ऑफिसर ने अपलोड किया था। इसे वे लोग अपने -अपने क्षेत्र में करीब 10 पीठासीन अधिकारियों से फोन पर या व्यक्तिगत रूप से समय-समय पर प्राप्त करते हैं। निर्वाचन अधिकारी से मिले दस्तावेजों की जांच के बाद सामान्य मतदाताओं (ईवीएम) का मतदान प्रतिशत संकलित किया जाता है और उसे चुनाव आयोग की वेबसाइट पर अपलोड किया जाता है , जो मतदान केंद्रों के अस्थायी मतदान आंकड़ा पर आधारित होता है। इसे पीठासीन अधिकारी देते हैं। 

आयोग ने कहा कि ये सभी आंकड़ें अस्थायी हैं जो आकलन पर आधारित हैं और जो आगे चलकर बदल जाते हैं जैसा कि वेबसाइट पर दी गई सूचना से स्पष्ट है। ईवीएम के मतदान के आंकड़ों में डाक मतों को जोड़ा जाता है ताकि हर संसदीय क्षेत्र में अंतिम मतदान प्रतिशत बताया जा सके। साथ ही, विजेता उम्मीदवार को निर्वाचन अधिकारी द्वारा फॉर्म 21 ई में प्रमाणपत्र दिया जाता है। ईवीएम वोटों और डाक मतों के आधार पर निर्वाचन अधिकारी फॉर्म 21 ई और इंडेक्स कार्ड तैयार करते हैं,जिसका मिलान किया जाता है ताकि हर संसदीय सीट के लिए अंतिम मतदान प्रतिशत मिल सके।