नई दिल्ली : राजधानी के निजी स्कूलों में आर्थिक रूप से कमजोर (ईडब्ल्यूएस), वंचित समूह (डीजी) और दिव्यांग वर्ग के दाखिलों के लिए इस साल शिक्षा निदेशालय ने कई अहम निर्णय लिए हैं। 3 साल तक दिल्ली में निवास की अवधि की शर्त को हटाने के बाद अब ईडब्ल्यूएस वर्ग के अभिभावकों को एक और राहत मिली है।

दरअसल इस साल निजी स्कूलों में न केवल प्रवेश स्तर की कक्षाओं नर्सरी, केजी और पहली, बल्कि दूसरी से ऊपरी कक्षाओं में ईडब्ल्यूएस के ऑनलाइन दाखिले होंगे। शिक्षा निदेशालय के आदेशानुसार सरकारी जमीन पर बने 400 निजी स्कूल ऑनलाइन दाखिला प्रक्रिया के तहत ईडब्ल्यूएस दाखिले करेंगे।

हालांकि इसको लेकर अभी शिक्षा निदेशालय की ओर से आधिकारिक तौर पर कोई जानकारी मुहैया नहीं करवाई गई है। जानकारी के मुताबिक 400 स्कूलों में 269 स्कूल नॉन माईनोरिटी, 29 माईनोरिटी और 3 स्कूल स्पेशल कैटेगिरी के हैं। वहीं शिक्षाविद्दों के मुताबिक 29 माईनोरिटी स्कूलों को दिल्ली हाई कोर्ट द्वारा दूसरी कक्षा से ऊपर की कक्षाओं में ईडब्ल्यूएस दाखिले के लिए छूट दी गई है। जबकि बाकी स्कूल भी बड़ी कक्षाओं में ईडब्ल्यूएस दाखिलों में मनमानी करते हैं।

कई स्कूल करते हैं मनमानी… 400 स्कूलों में से कई स्कूल ऐसे हैं जो बड़ी कक्षाओं में ईडब्ल्यूएस दाखिलों में मनमानी करते हैं। कुछ स्कूल सीटों का ब्यौरा न देकर तो कुछ अपनी मनमर्जी से दाखिले कर लेते हैं। ऐसे में इन स्कूलों की मनमानी पर नकेल कसने के लिए शिक्षा निदेशालय ने अनूठी पहल करते हुए पहली बार दूसरी से ऊपरी कक्षाओं में भी ऑनलाइन प्रक्रिया के माध्यम से ईडब्ल्यूएस के दाखिले करने का आदेश जारी किया है।