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केजरीवाल सरकार ने किया 10 हजार करोड़ रुपए का बिजली घोटाला,सीबीआई करे जांच : कांग्रेस

दिल्ली में सत्ता आने पर 600 यूनिट तक बिजली फ्री करने के वादे को दोहराते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सुभाष चोपड़ा ने गुरुवार को राजधानी में बिजली की खरीद-बिक्री में दस हजार करोड़ रुपए के घोटाले का आरोप लगाया और इस पूरे मामले की केंद्रीय जांच ब्यूरो(सीबीआई) से जांच कराने की मांग की है। 

श्री चोपड़ा ने पूर्व ऊर्जा मंत्री हारुन युसूफ और प्रदेश के मुख्य प्रवक्ता मुकेश शर्मा के साथ आज यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा जिस तरह से डिस्काम घोटाला हुआ है इसकी सच्चाई सामने लाने के लिए सीबीआई से जांच जरुरी है। 

उन्होंने कहा कि 8532 करोड़ रुपए की सब्सिडी डिस्काम को दी गई जबकि आम आदमी पार्टी(आप) ने अपने घोषणा पत्र में ट्रांसको को सब्सिडी दिए जाने की बात की थी, फिर डिस्काम को क्यों दी गई। सब्सिडी सीधे उपभोक्ताओं के खाते में क्यों नहीं दी गई। 

उन्होंने कहा कि श्री केजरीवाल की सरकार ने पौने पांच साल के दौरान बिजली उपभोक्ताओं पर तरह.तरह के प्रभार लगाकर 8900 करोड़ रुपए गलत तरीके से वसूले और अब चुनाव नजदीक आने पर 200 यूनिट तक मासिक खपत वाले उपभोक्ताओं को बिजली फ्री देकर वाहवाही लूटना चाह रही हैं। 

श्री चोपड़ा ने कहा कि यदि इस बार दिल्ली के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस जीतती है और उसकी सरकार बनी तो 600 यूनिट तक बिजली फ्री दी जायेगी। यही नहीं 200 यूनिट मासिक खपत वाले छोटे कारोबारियों और किसानों को ट््यूबवेल के लिए भी विद्युत मुफ्त मिलेगी। 

राजधानी में सबसे सस्ती बिजली के मुख्यमंत्री के दावे को खारिज करते हुए श्री चोपड़ा ने कहा कि दिल्ली में यह सबसे महंगी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के समय में 7.36 रुपए प्रति यूनिट बिजली खरीदी जाती थी जबकि अब 8.45 रुपए प्रति यूनिट खरीदी जा रही है। 

श्री केजरीवाल के कांग्रेस शासित राज्यों में 600 यूनिट बिजली फ्री किए जाने के सवाल पर श्री चोपड़ा ने कहा कि दिल्ली में बिजली सब्सिडी 2300 करोड़ रुपए ही है जबकि पंजाब की अमरिंदर सिंह सरकार पांच हजार करोड़ रुपए की सब्सिडी दे रही है। 

प्रदेश अध्यक्ष ने श्री केजरीवाल को किसी भी मुद्दे पर बहस की चुनौती देते हुए कहा कि वह साक्ष्यों के साथ उनके एक.एक दावे को झूठा साबित करने को तैयार हैं। उन्होंने कहा कि पौने पांच साल तक सरकार को काम नहीं करने देने के लिए प्रधानमंत्री और उपराज्यपाल पर आरोप लगाने वाले श्री केजरीवाल अब कैसे एक.एक करके फैसले ले रहे हैं। यह उनकी भारतीय जनता पार्टी(भाजपा) से अंदरखाने की दोस्ती को दर्शाता है। 

पूर्व ऊर्जा मंत्री युसूफ ने डिस्काम के साथ मिलीभगत कर बड़ बिजली घोटाला करने का आरोप लगाते हुए कहा कि डिस्काम के खातों की जांच नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) से कराने के बड़े-बड़े दावे करने वाले श्री केजरीवाल ने पिछले पांच वर्षों में इसे क्यों नहीं कराया। 

उन्होंने कहा कि यदि डिस्काम दिल्ली में बिजली के क्षेत्र में बुनियादी सुविधा पर व्यय करती तो अनाज मंडी, करोलबाग होटल, किरारी और बवाना जैसे हादसे नहीं होते और करीब 150 निर्दोष लोगों को जान नहीं गंवानी पड़ती। 

श्री शर्मा ने कहा कि श्री केजरीवाल को दिल्ली से नहीं सत्ता से प्यार है। उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान दिल्ली का बिजली उत्पादन बढ़ने के लिए कोई कदम नहीं उठाया।