नई दिल्ली : फंड की कमी से जुझ रही पूर्वी दिल्ली नगर निगम को लेकर राजनीति चरम पर पहुंच गई है। हालात यह है कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी आपस में ही भीड़ गए हैं। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री के लिए जहां नर्क में जाने की बात कह दी। वहीं मुख्यमंत्री ने उन्हें एमसीडी के लिए सीधे केंद्र से फंड लेने की नसीहत दे डाली। दरअसल मुख्यमंत्री ने ट्वीट कर कहा कि दिल्ली की सफ़ाई व्यवस्था को लेकर मैं बेहद चिंतित हूं। भाजपा की केंद्र और एमसीडी की सरकारों ने दिल्ली की सफ़ाई व्यवस्था को पूरी तरह अस्त व्यस्त कर दिया है।
मैं अपने सफ़ाई कर्मचारियों को लेकर भी बेहद चिंतित हूं। हर दो महीनों में इनको वेतन दे रहा हूं। वहीं मुख्यमंत्री के इस बयान के पर निशाना साधते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी ने कहा कि नर्क में भी जगह नहीं मिलेगी, अरविंद केजरीवाल जी जितनी घिनौनी साज़िश आप कर रहे हैं। सर आपको चिंतित नहीं होना है, 10 हज़ार करोड़ का एमसीडी का केंद्र से भेजा फ़ंड ट्रान्स्फ़र करना है 2014 में दिल्ली को केंद्र से 36776 करोड़ मिलता था अब 48000 करोड़ मिलता है।
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तिवारी के इस बयान पर मुख्यमंत्री ने ट्वीट कर निशाना साधते हुए कहा कि हमारे हिसाब से केंद्र ने दिल्ली को केवल 325 करोड़ रुपए दिए हैं। पर बहस करने की ज़रूरत नहीं है। आप केंद्र को कह दीजिए कि एमसीडी के ये 10 हज़ार करोड़ सीधे एमसीडी को भेज दें। हमारे ज़रिए भेजने की ज़रूरत नहीं है। तो अब आगे से तो एमसीडी को दिल्ली सरकार से कोई पैसा देने की ज़रूरत नहीं होगी ना। बता दे ईस्ट एमसीडी में हड़ताल जारी है। लोग हैरान और परेशान है।


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