BREAKING NEWS

चिदंबरम का सरकार पर कटाक्ष, बोले- अब हमें गीता गोपीनाथ पर मंत्रियों के हमले के लिए तैयार हो जाना चाहिए◾साईं बाबा के जन्मस्थान का विवाद बेवजह, CM ठाकरे को दोष नहीं दे सकते : शिवसेना ◾प्रधानमंत्री मोदी और नेपाली प्रधानमंत्री ने जोगबनी-विराटनगर निगरानी चौक का किया उद्घाटन◾जम्मू-कश्मीर जा रहे मंत्रियों को मणिशंकर अय्यर ने बताया 'डरपोक', बोले- 36 में से सिर्फ 5 जा रहे हैं घाटी◾दिल्ली चुनाव: केजरीवाल बोले- 'मेरा उद्देश्य भ्रष्टाचार खत्म करना, दिल्ली को आगे ले जाना'◾लखनऊ में आज अमित शाह करेंगे रैली, CAA विरोधियों को देंगे जवाब ◾दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए JDU ने स्टार प्रचारकों की सूची की जारी, प्रशांत किशोर और पवन वर्मा का नाम गायब◾AAP ने भाजपा उम्मीदवारों की दूसरी सूची पर कसा तंज, कहा- चुनाव से पहले ही मानी हार◾सूरत के रघुवीर मार्केट में लगी भीषण आग, कई दुकानें जलकर खाक◾दिल्ली विधानसभा चुनाव : भाजपा ने उम्मीदवारों की दूसरी सूची की जारी, केजरीवाल को टक्कर देंगे सुनील यादव◾कोहरे ने 25 ट्रेनों की रफ्तार पर लगाई ब्रेक, दिल्ली आने वाली ये ट्रेनें 1 से 6 घंटे तक लेट◾अकाली दल नहीं लड़ेगा दिल्ली चुनाव : मनजिंदर सिंह सिरसा◾दविंदर सिंह का डीजीपी पदक और प्रशस्ति पत्र जब्त ◾CAA को लेकर कपिल सिब्बल बोले- इसे लेकर मेरे रुख में कोई बदलाव नहीं ◾राष्ट्रपति कोविंद ने कहा- पत्रकारिता ‘कठिन दौर’ से गुजर रही है, फर्जी खबरें नये खतरे के तौर पर सामने आई हैं◾कपिल सिब्बल ने ''परीक्षा पे चर्चा' को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर साधा निशाना ◾सीडीएस बिपिन रावत बोले- पाक के साथ युद्ध की परिस्थिति उत्पन्न होगी या नहीं, अनुमान लगाना मुश्किल◾भाजपा के नये अध्यक्ष बने नड्डा, नरेंद्र मोदी समेत इन नेताओं ने दी शुभकामनाएं ◾TOP 20 NEWS 20 January : आज की 20 सबसे बड़ी खबरें◾भाजपा के नये अध्यक्ष नड्डा बोले- जिन राज्यों में भाजपा मजबूत नहीं, वहां कमल पहुंचाएं◾

बिना कसूर के जेल जाने वालों के पुनर्वास के लिए योजना पेश करे सरकार: हाईकोर्ट

नई दिल्ली: दिल्ली उच्च न्यायालय ने कहा है कि एक रूपरेखा तैयार किये जाने की तत्काल जरूरत है जिसमें गलत तरीके से पकड़े गए और अपनी जिंदगी के कई साल जेल में बिताने वालों के पुनर्वास के लिए खाका हो। गौरतलब है कि कई बार ये देखने में आया है कि सालों तक मुकदमा लड़ने के बाद आरोपी शख्स बरी हो जाता है। लेकिन तब तक वो अपनी जिंदगी के कई कीमती साल जेल में बिता चुका होता है। वो ऐसे गुनाह की सजा भुगत रहा होता है जो उसने किया ही नहीं।

लेकिन फिर भी उसे मुकदमें से तो न्याय मिल जाता है पर जिन्दगी से नहीं। न्यायमूर्ति एस मुरलीधर और एस मेहता की एक बेंच ने कहा कि वर्तमान में उन लोगों के लिए देश में कोई योजना नहीं है जिन्हें गलत तरीके से जेल में रखा गया है। उनकी क्षतिपूर्ति करने के लिए देश में कोई वैधानिक या कानूनी योजना के लिए अदालत ने विधि आयोग और केंद्र सरकार को अपनी सिफारिशें देने के लिए निर्देश दिए। यह देखा गया है कि उच्च न्यायालयों और उच्चतम न्यायालय में केस के बाद कई लोग बरी हो जाते हैं लेकिन तब तक वो कई वर्ष का कारावास भुगत चुके होते हैं।

और ऐसे व्यक्तियों को समाज में दोबारा उसी रूप में गुजरना बेहद मुश्किल है। ऐसे लोगों के पुनर्वास के लिए सरकार क्या कर सकती है। अदालत ने कहा कि तत्काल आवश्यकता है गलत तरीके से अभियोजन और कैद के शिकार लोगों को राहत और पुनर्वास प्रदान करने के लिए एक कानूनी ढांचे की।

अधिक लेटेस्ट खबरों के लिए यहां क्लिक  करें। और अधिक सम्बन्धित खबरों के लिए यहां क्लिक करें।