BREAKING NEWS

BJP ने कांग्रेस पर ट्रैक्टर परेड के दौरान किसानों को उकसाने का आरोप लगाया ◾ट्रैक्टर परेड हिंसा : योगेन्द्र यादव, टिकैत, पाटकर सहित 37 किसान नेताओं के खिलाफ नामजद प्राथमिकी ◾राजनाथ ने अमेरिका के नये रक्षा मंत्री ऑस्टिन से क्षेत्रीय, वैश्विक मुद्दों पर बात की ◾बंगाल विधानसभा का दो दिवसीय सत्र शुरू, कृषि कानूनों के खिलाफ प्रस्ताव लाएगी तृणमूल ◾हिंसा में शामिल थे किसान नेता, शर्तों को नहीं मानकर किया विश्वासघात : पुलिस कमिश्नर◾केंद्र सरकार ने जारी की नई गाइडलाइंस,1 फरवरी से खुलेंगे सिनेमा हॉल और स्वीमिंग पूल◾आप नेता राघव चड्डा ने हिंसा के मुद्दे पर बीजेपी को घेरा, लगाए कई गंभीर आरोप◾दिल्ली में हिंसा के लिए गृह मंत्री जिम्मेदार, कांग्रेस ने कहा- केवल 30 से 40 ट्रैक्टर लेकर उपद्रवी लाल किले में कैसे घुस पाए?◾हिंसा के बाद किसान आंदोलन में पड़ी दरार, दो संगठनों ने खुद को किया अलग◾26 जनवरी हिंसा: राकेश टिकैत, अन्य किसान नेताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज◾गणतंत्र दिवस पर हुई हिंसा के बाद गृह मंत्री अमित शाह ने दिल्ली में कानून-व्यवस्था की समीक्षा की ◾संयुक्त किसान मोर्चा की सफाई - असामाजिक तत्वों ने शांतिपूर्ण प्रदर्शनों को नष्ट करने की कोशिश की◾दिल्ली पुलिस ने ट्रैक्टर परेड में हिंसा के संबंध 200 लोगों को हिरासत में लिया, पूछताछ जारी ◾BCCI प्रमुख सौरव गांगुली को सीने में दर्द, अपोलो हॉस्पिटल में कराया गया एडमिट ◾नेपाल में कोविड टीकाकरण का पहला चरण शुरू, भारत ने तोहफे में दी है 10 लाख वैक्सीन डोज◾ किसान ट्रैक्टर परेड: गणतंत्र दिवस पर हिंसा की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल◾दो दिवसीय दौरे पर केरल पहुंचे राहुल, मलप्पुरम में गर्ल्स स्कूल के भवन का किया उद्घाटन ◾किसान आंदोलन को बदनाम करने की साजिश हुई कामयाब : हन्नान मोल्लाह◾किसानों की ट्रैक्टर रैली के दौरान भड़की हिंसा में 300 पुलिसकर्मी हुए घायल, क्राइम ब्रांच करेगी जांच◾ट्रैक्टर परेड हिंसा : संयुक्त किसान मोर्चा ने बुलाई बैठक, सभी पहलुओं पर होगी चर्चा ◾

भारत में कोरोना के आँकड़े #GharBaithoNaIndiaSource : Ministry of Health and Family Welfare

कोरोना की पुष्टि

इलाज चल रहा है

ठीक हो चुके

मृत लोग

शाहीन बाग प्रदर्शन पर SC का फैसला- सार्वजनिक स्थानों पर अनिश्चितकाल तक नहीं किया जा सकता कब्जा

नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के विरोध में दिल्ली के शाहीन बाग में हुए प्रदर्शन को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को कहा कि सार्वजनिक स्थान पर अनिश्चितकाल के लिए प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी जा सकती। कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि विरोध प्रदर्शनों के लिए शाहीन बाग जैसे सार्वजनिक स्थलों पर कब्जा करना स्वीकार्य नहीं है।

उन्होंने कहा कि शाहीन बाग इलाके से लोगों को हटाने के लिए दिल्ली पुलिस को कार्रवाई करनी चाहिए थी। प्रदर्शन को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि प्राधिकारियों को खुद कार्रवाई करनी होगी और वे अदालतों के पीछे छिप नहीं सकते। लोकतंत्र और असहमति साथ-साथ चलते हैं।

उन्होंने कहा कि सार्वजनिक स्थानों पर अनिश्चितकाल तक कब्जा नहीं किया जा सकता, जैसा कि शाहीन बाग में विरोध प्रदर्शन के दौरान हुआ। न्यायमूर्ति संजय किशन कौल की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने कहा कि नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) के विरोध में बड़ी संख्या में लोग जमा हुए थे, रास्ते को प्रदर्शनकारियों ने ब्लॉक किया था, जो गलत है क्योंकि कोर्ट ने कहा कि सार्वजनिक स्थानों एवं सड़कों पर अनिश्चितकाल के लिए कब्ज़ा नही किया जा सकता।

न्यायालय ने कहा कि सड़क पर आवागमन का अधिकार अनिश्चित काल तक रोका नहीं जा सकता। न्यायालय ने कहा कि केवल निर्दिष्ट क्षेत्रों में ही विरोध प्रदर्शन किया जाना चाहिए। खंडपीठ ने कहा, " सार्वजनिक बैठकों पर प्रतिबंध नहीं लगाया जा सकता है, लेकिन उन्हें निर्दिष्ट क्षेत्रों में होना चाहिए। संविधान विरोध प्रदर्शन का अधिकार देता है लेकिन इसे समान कर्तव्यों के साथ जोड़ा जाना चाहिए।"

न्यायालय ने इस मामले में मध्यस्थता के प्रयास विफल होने का भी जिक्र किया। खंडपीठ ने कहा, शाहीन बाग में मध्यस्थता के प्रयास सफल नहीं हुए, लेकिन हमें कोई पछतावा नहीं है।" खंडपीठ ने ऐसे मामलों में निर्णय लेने में सरकार को इंतजार ना करने और न्यायालय के कंधे पर बंदूक ना रखने की भी नसीहत दी

बता दें कि पिछले साल दिसंबर में केंद्र सरकार ने संसद से नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) को लागु किया था। इस कानून के तहत पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश से आने वाले धार्मिक अल्पसंख्यकों को नागरिकता देने का प्रावधान किया गया। वहीं इस कानून को धरम विरोधी बताकर दिल्ली के शाहीन बाग सहित देश के कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन किए गए। वहीं शाहीन बाग में दिसंबर से मार्च तक प्रदर्शन चला था।

ड्रग्स मामले में रिया चक्रवर्ती को मिली जमानत, भाई शौविक की याचिका हुई खारिज